बस स्टैंड वाली श्री रामलीला में मनोज अरोड़ा बनेंगे श्रीराम, विशाल भुड्डी निभाएंगे रावण का किरदार
रुद्रपुर। नगर की प्राचीन एवं ऐतिहासिक बस स्टैंड वाली श्री रामलीला के मंचन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्री राम नाटक क्लब की ओर से आयोजित होने वाली रामलीला के लिए इस वर्ष विभिन्न पात्रों के कलाकारों का चयन कर लिया गया है। कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों के अनुरूप अभ्यास भी शुरू कर दिया है।
श्री राम नाटक क्लब के महामंत्री गौरव तनेजा ने बताया कि इस वर्ष प्रभु श्रीराम की भूमिका मनोज अरोड़ा, माता सीता की भूमिका गौरव जग्गा, रावण की भूमिका विशाल भुड्डी और वीर बजरंगबली हनुमान की भूमिका सुशील गाबा निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि भगवान गणेश की भूमिका आशीष ग्रोवर आशु, विश्वामित्र एवं बूढ़ा मारीच की भूमिका मोहनलाल भुड्डी, लक्ष्मण की भूमिका राजकुमार कक्कड़ व गौरव जग्गा, शत्रुघ्न की भूमिका सौरभ राज बेहड़, भरत एवं श्रवण की भूमिका पुलकित बाम्बा तथा राजा जनक, कैकेयी एवं केवट की भूमिका अनिल तनेजा निभाएंगे। शूर्पणखा एवं सुबाहु के पात्र में सचिन मुंजाल नजर आएंगे।
नारद जी, गुरु वशिष्ठ, लखटकिया, सुषेण वैद्य एवं मारीच की विभिन्न भूमिकाएं मनोज मुंजाल निभाएंगे। वेदवती, तारा, माया, मंदोदरी एवं विश्वमोहिनी के पात्र सुमित आनंद निभाएंगे। सुमंत एवं विभीषण की भूमिका सचिन आनंद, कैकेयी की भूमिका नरेश छाबड़ा, राजा दशरथ की भूमिका प्रेम खुराना व पंकज सुखीजा, सुग्रीव की भूमिका मोहन अरोड़ा तथा अंगद की भूमिका गौरव जग्गा निभाएंगे।
बाली एवं राजा इंद्र की भूमिका वैभव भुड्डी, मेघनाद की भूमिका रमन अरोड़ा, जामवंत की भूमिका रोहित खुराना, कामदेव की भूमिका हर्ष अरोड़ा, परशुराम की भूमिका गुरशरण बब्बर शरणी और कुंभकर्ण की भूमिका अमन गुंबर निभाएंगे। भगवान शंकर की भूमिका रवि चोपड़ा, ब्रह्मा जी की भूमिका सिद्धांत ग्रोवर तथा जटायु-संपाती की भूमिका राज ग्रोवर निभाएंगे।
रामलीला में काला देव और जोकर पार्टी की प्रस्तुति रामकृष्ण कनौजिया, गोगी नरूला एवं इदरीस गोला की टीम द्वारा दी जाएगी। वहीं बाल पात्रों में बालक राम की भूमिका कनव गंभीर, बालक लक्ष्मण की भूमिका एश तनेजा, छोटे हनुमान की भूमिका आयुष्मान सुशील गाबा तथा छोटे अंगद की भूमिका युवीक भुड्डी निभाएंगे।
क्लब पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष रामलीला को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने की तैयारियां की जा रही हैं। कलाकार पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ अभ्यास में जुटे हैं। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम की पावन लीलाओं को प्रभावशाली एवं जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।


