*_मालवीय नगर अग्निकांड: ‘BJP छुपा रही है मौतों का असली आंकड़ा’, घायलों से मिलने से रोके जाने पर आतिशी का बड़ा हमला_*

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*_मालवीय नगर अग्निकांड: ‘BJP छुपा रही है मौतों का असली आंकड़ा’, घायलों से मिलने से रोके जाने पर आतिशी का बड़ा हमला_*

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में घायलों से मिलने से विपक्षी नेताओं को रोकना इस बात का संकेत है कि सरकार हादसे से जुड़े वास्तविक तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सरकारी स्तर पर हुई आपराधिक लापरवाही का परिणाम है.

अस्पताल में प्रवेश नहीं मिलने पर उठाए सवाल

आतिशी ने बताया कि मालवीय नगर अग्निकांड में घायल लोगों का हाल जानने के लिए मैक्स अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने अंदर जाने की अनुमति नहीं दी. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने प्रोटोकॉल का हवाला देकर मरीजों और डॉक्टरों से मिलने से भी रोक दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा के नेता, मुख्यमंत्री और विधायक अस्पताल में जाकर मरीजों से मिल सकते हैं तो विपक्षी नेताओं को क्यों रोका जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि मरीजों से मिलना संभव नहीं था तो कम से कम डॉक्टरों से बातचीत करने की अनुमति दी जानी चाहिए थी, जिससे घायलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके.

 

कुछ छुपा रही है सरकार

 

आतिशी ने आरोप लगाया कि अस्पताल और सरकार की इस कार्रवाई से यह संदेह पैदा होता है कि हादसे से जुड़े कुछ जरूरी तथ्य जनता से छुपाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस और बड़ी संख्या में बाउंसर्स तैनात कर विपक्षी नेताओं को रोका गया, उससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार द्वारा बताए जा रहे मृतकों के आंकड़े पूरी तरह सही हैं या वास्तविक संख्या इससे अधिक है.

 

यह हादसा नहीं, आपराधिक लापरवाही से हुई हत्या

 

नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि मालवीय नगर में लगी आग को केवल दुर्घटना नहीं कहा जा सकता. उन्होंने कहा कि जिस इमारत में आग लगी वहां अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी लंबे समय से हो रही थी. उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को इस स्थिति की जानकारी थी. नगर निगम, फायर विभाग, बिजली और अन्य एजेंसियां नियमित रूप से क्षेत्र में काम करती हैं, ऐसे में नियमों के उल्लंघन से अनजान रहने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण 21 लोगों की जान चली गई.

 

गोवा क्लब हादसे के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

 

आतिशी ने कहा कि पिछले वर्ष गोवा में एक क्लब में आग लगने की घटना के बाद कोर्ट दिल्ली के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी जांच कराने के निर्देश दिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते फायर सेफ्टी ऑडिट और निरीक्षण किए जाते तो मालवीय नगर जैसी घटना को रोका जा सकता था. उन्होंने कहा कि इस त्रासदी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर आती है.

 

फायर सर्विस सिस्टम पर भी उठाए सवाल

 

आतिशी ने दिल्ली फायर सर्विस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद फायर सर्विस व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है. उन्होंने रोहिणी, पालम और विवेक विहार की आग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में दमकल गाड़ियां देर से पहुंचीं या तकनीकी समस्याओं का सामना करना

पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं पानी का दबाव पर्याप्त नहीं था तो कहीं उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे. मालवीय नगर अग्निकांड में भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.


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