*ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल आज से, 125 सदस्यीय भारतीय दल पदकों की चुनौती को तैयार* *नीरज, मीराबाई और लवलीना पर रहेंगी निगाहें, कई प्रमुख खेल बाहर होने से घट सकती है पदक संख्या*

Spread the love

*ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल आज से, 125 सदस्यीय भारतीय दल पदकों की चुनौती को तैयार*

*नीरज, मीराबाई और लवलीना पर रहेंगी निगाहें, कई प्रमुख खेल बाहर होने से घट सकती है पदक संख्या*

नई दिल्ली/ग्लासगो। फीफा विश्व कप की गूंज थमने के साथ ही खेल प्रेमियों की नजरें अब स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले 23वें राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होने वाले इन खेलों में भारत का 125 सदस्यीय एथलीट दल विभिन्न स्पर्धाओं में पदकों के लिए चुनौती पेश करेगा।

भारतीय दल की अगुवाई स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और विश्व चैंपियन मुक्केबाज लवलीना बोरगोहैन जैसे अनुभवी खिलाड़ी करेंगे। इन खिलाड़ियों से देश को स्वर्ण पदक की सबसे अधिक उम्मीदें हैं।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। हालांकि इस बार प्रतियोगिता का प्रारूप बदला हुआ है। लागत में कटौती के चलते कई ऐसे खेलों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया है, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से सबसे अधिक पदक जीतता रहा है।

इस बार हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती, क्रिकेट, टेबल टेनिस, स्क्वैश, ट्रायथलॉन और रग्बी सेवन्स प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं। इसके स्थान पर एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, तैराकी, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग, कलात्मक जिम्नास्टिक, लॉन बॉल्स, नेटबॉल और 3×3 बास्केटबॉल में मुकाबले होंगे।

ऐसे में भारतीय दल की सबसे अधिक उम्मीदें एथलेटिक्स, मुक्केबाजी और भारोत्तोलन से रहेंगी। खेल विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रमुख पदक दिलाने वाले खेलों के बाहर होने के बावजूद भारत इस बार करीब 30 पदक जीतने में सफल हो सकता है। नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहैन समेत कई भारतीय सितारों के प्रदर्शन पर देशभर की निगाहें रहेंगी।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *