*_दिल्ली हाईकोर्ट का कॉकरोच जनता पार्टी के 6 जून के प्रदर्शन पर रोक की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार_*
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से 6 जून को दिल्ली में प्रदर्शन करने से रोकने की मांग करने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. जस्टिस सौरभ बनर्जी की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया.
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विकास शर्मा ने मेंशन करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के 6 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की मांग की.
याचिका में दिल्ली पुलिस से लोगों की लामबंदी को नियंत्रित करने के लिए तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी समन्वित आनलाइन अभियान चलाकर लोगों से इस प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान कर रही है.
इस अभियान में लोगों से विरोध करने का आह्वान करते हुए भड़काऊ मैसेज पोस्ट किए जा रहे हैं. इस अभियान का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. ऐसे में ज्यादा भीड़ जुटने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान होने की संभावना है. ऐसे में अगर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निरोधात्मक तरीके नहीं अपनाए गए तो इससे आम लोगों की सुरक्षा और ट्रैफिक पर काफी बुरा असर पड़ सकता है.
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने 4 जून को दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को इस संबंध में प्रतिवेदन दिया था लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक व्यंग्यात्मक आनलाइन आंदोलन के रुप में उभरा. दरअसल एक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं. उन्होंने कहा था कि ऐसे कई बेरोजगार युवा जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई ठिकाना तो वे आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया, आरटीआई एक्टिविस्ट या अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और पूरे सिस्टम पर हमला करने लग जाते हैं. कोर्ट ने कहा था कि कुछ वकीलों खासकर दिल्ली में लॉ डिग्रियों की प्रामाणिकता की सीबीआई जांच की जरुरत है.
बाद में चीफ जस्टिस ने इस मामले पर सफाई भी दी. सफाई में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को किस तरह गलत तरीके से पेश किया है. मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और नकली डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है.
चीफ जस्टिस ने कहा है कि ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, और इसलिए, वे परजीवी की तरह हैं. चीफ जस्टिस की इस टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के रुप में आनलाइन आंदोलन शुरू किया गया था. इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर देखते ही देखते काफी लोकप्रियता मिली. कॉकरोच को लेकर कई मीम और गाने बने. बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना करने वाले अभिजीत दीपके अमेरिका के बॉस्टन में रहते हैं.







