युवाओं के विचारों से बनेगा नये रुद्रपुर का रोडमैप – स्मार्ट सिटी की दिशा में तेजी से बढ़ेगा शहरः विकास शर्मा – नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद में युवाओं ने रखे शहर के भविष्य के सुझाव – महापौर ने कहा- हर अच्छे विचार को धरातल पर उतारने का होगा प्रयास

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युवाओं के विचारों से बनेगा नये रुद्रपुर का रोडमैप

– स्मार्ट सिटी की दिशा में तेजी से बढ़ेगा शहरः विकास शर्मा

– नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद में युवाओं ने रखे शहर के भविष्य के सुझाव

– महापौर ने कहा- हर अच्छे विचार को धरातल पर उतारने का होगा प्रयास

 

रुद्रपुर। शहर का भविष्य कैसा हो, आने वाले वर्षों में रुद्रपुर किन सुविधाओं से लैस हो और युवा अपने शहर को किस रूप में देखना चाहते हैं, इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए महापौर विकास शर्मा की पहल पर आयोजित “नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद-2026” युवाओं के विचारों और शहर के विकास के रोडमैप का बड़ा मंच बना। होटल रेडिशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ महापौर विकास शर्मा और अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भागीदारी करते हुए न सिर्फ शहर की समस्याएं सामने रखीं बल्कि उनके समाधान और भविष्य के रुद्रपुर की तस्वीर को लेकर अपने सुझाव भी साझा किये। कार्यक्रम को अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, पर्यावरण, सुरक्षा, डिजिटल सुविधाओं और रोजगार जैसे विषयों पर खुलकर अपने विचार रखे।

 

“अगर मैं मेयर होता…” युवाओं ने रखी अपने सपनों के रुद्रपुर की तस्वीर

 

पहले सत्र “अगर मैं मेयर होता” में युवाओं ने शहर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये। युवाओं ने कहा कि रुद्रपुर को स्मार्ट बनाने के लिए सबसे पहले वेस्ट मैनेजमेंट को मजबूत करना होगा। कभी शहर की लाइफ लाइन रही कल्याणी नदी को पुनर्जीवित कर उसे पुराने स्वरूप में लौटाने की जरूरत है। युवाओं ने वाटर मैनेजमेंट, साइंस एग्जीबिशन, डिजिटल डैशबोर्ड और ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म बनाने का सुझाव दिया जहां नागरिक अपनी समस्या दर्ज कर सकें और समाधान की अपडेट भी उन्हें मिलती रहे। शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं ने स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जॉब स्किल और आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। युवाओं ने शहर में निःशुल्क स्पोर्ट्स एकेडमी शुरू करने की इच्छा भी जताई। शहर की सुरक्षा को लेकर हर छोटी-बड़ी गली में सीसीटीवी कैमरे लगाने, बेटियों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने और जन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष काउंसिल बनाने का सुझाव भी सामने आया। युवाओं ने जलभराव का स्थायी समाधान, सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने, बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करने और लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या को नियंत्रित करने की आवश्यकता बताई। एक छात्रा ने युवाओं की मेंटल हेल्थ पर काम करने की बात रखते हुए कहा कि बच्चों को डिप्रेशन से बचाने, कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलने चाहिए।इसके अलावा रुद्रपुर को जाम मुक्त और दुर्घटना मुक्त बनाने, ट्रैफिक लाइट व्यवस्था मजबूत करने, नियमों को सख्ती से लागू करने और बाजारों में फुटपाथ खाली कराने की मांग भी युवाओं ने रखी। क्लीन और ग्रीन रुद्रपुर के लिए पौधरोपण अभियान चलाने, स्लम क्षेत्रों में सुधार करने, एनजीओ के माध्यम से फ्री हेल्थ कैंप लगाने और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के सुझाव भी आये। युवाओं ने कहा कि इंटर के बाद उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। यदि रुद्रपुर में बेहतर उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित किये जाएं तो यहां की प्रतिभा इसी शहर और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकती है। युवाओं ने उच्च शिक्षा के लिए निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की जरूरत भी बताई।

 

समस्याएं ही नहीं, समाधान भी लेकर आये युवा

 

दूसरे सत्र “यूथ वॉइस स्पॉटलाइट” में युवाओं ने समस्याओं के साथ समाधान भी रखे। जाम की समस्या पर मनीष सिन्हा ने ई-रिक्शा की संख्या सीमित करने, उनके रूट निर्धारित करने और भारी वाहनों को निर्धारित समय में ही शहर में प्रवेश देने का सुझाव दिया। सौरभ ने यातायात नियमों को लेकर कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने डिग्री कॉलेज की भूमि का उपयोग कर पंतनगर विश्वविद्यालय की तर्ज पर बड़ा सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित करने और हर दुकान के बाहर डस्टबिन अनिवार्य करने का सुझाव दिया। आरुषी अरोरा ने जापान की मियावाकी तकनीक से फॉरेस्ट विकसित करने और अधिक पौधरोपण कर शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स को बेहतर करने की बात कही। युवाओं ने इलेक्ट्रिक वाहन आधारित शटल सेवा शुरू करने, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत भी बताई। कल्याणी नदी को लेकर रोटरी क्लब से जुड़े एक युवा ने सुझाव दिया कि सिडकुल की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित जल को नदी में जाने से रोकने के लिए आधुनिक सिस्टम और अंडरग्राउंड पाइपलाइन की व्यवस्था की जाए।

 

लाइव पोल में शिक्षा, स्किल और युवाओं के अवसर सबसे बड़ी प्राथमिकता

 

लाइव ऑडियंस पोल में युवाओं से पूछा गया कि आने वाले पांच वर्षों में शहर की सबसे बड़ी चुनौती क्या होनी चाहिए, जिस पर प्राथमिकता से काम किया जाए। युवाओं ने सबसे अधिक प्राथमिकता एजुकेशन, स्किल और यूथ अपॉर्चुनिटी को दी।

 

युवाओं की सोच को धरातल पर उतारने की शुरुआतः विकास शर्मा

 

महापौर विकास शर्मा ने युवाओं के सुझावों को गंभीरता से सुना और नोट किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश का भविष्य है और अब युवाओं का दौर है। ऐसे संवाद पूरे देश में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुद्रपुर के विकास में लगातार सहयोग मिल रहा है। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से भी सहयोग लिया जाएगा। सब मिलकर रुद्रपुर को उत्तराखंड का नंबर वन शहर बनाएंगे। महापौर ने कहा कि नगर निगम युवाओं की एक कमेटी बनाएगा, जो समय-समय पर शहर के विकास को लेकर मंथन करेगी और अच्छे सुझावों पर प्राथमिकता से अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कल्याणी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए नमामि गंगे के अंतर्गत 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेजा गया है। सिडकुल एसटीपी प्लांट का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसके शुरू होने के बाद दूषित पानी कल्याणी नदी में जाने से रुकेगा। गंगापुर रोड की दो नहरों पर रिवर फ्रंट विकसित करने का काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए नगर निगम आठ आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र शुरू कर चुका है। उन्होंने कहा कि बजाज के सहयोग से तीन करोड़ रुपये के स्किल प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है, जिसमें युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं के लिए मल्टीफेसिलिटी भवन और किच्छा रोड पर आठ एकड़ भूमि में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 296 करोड़ रुपये का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है, जिसमें 100 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। तीन पानी डैम के जीर्णाेद्धार का कार्य भी शुरू किया जा चुका है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए इंदौर मॉडल पर काम और शहर में ईवी बस सेवा शुरू करने की योजना भी तैयार की गयी है।

 

युवाओं की भागीदारी से बनेगा स्मार्ट रुद्रपुर

 

पैनल डिस्कशन में आईएएस शांभवी तिवारी ने कहा कि तकनीक और गुड गवर्नेंस पर फोकस करते हुए युवाओं की भागीदारी से ही रुद्रपुर स्मार्ट सिटी बन सकेगा। आईपीएस जितेन्द्र चौधरी ने कहा कि बदलाव की शुरुआत युवाओं को खुद से करनी होगी। नियमों का पालन करने और दूसरों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी युवाओं को निभानी होगी। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विपुल शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर युवाओं के लिए अवसरों का केंद्र बने, इसके लिए स्किल डेवलपमेंट पर काम करना होगा। युवाओं को नौकरी मांगने के साथ रोजगार देने वाला बनने की सोच विकसित करनी होगी। उन्होंने युवाओं से मोबाइल और रील्स में समय खराब करने के बजाय किताबों और कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील की। भाजपा नेता विवेकदीप सिंह ने कहा कि सफल रुद्रपुर की ओर यह पहला कदम है। सकारात्मक संवाद से ही समस्याओं का समाधान संभव है।

 

कार्यक्रम का संचालन भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल और रवि सिडाना ने किया। इस अवसर पर पारस चुघ, गौरव जुयाल, चिराग कालरा, अजय चड्ढा, भरत शाह, राजन राठौर, मोहन तिवारी, कृतिका सिंह, मौलिक, मानस बोरा, भावेश मथेला, जतिन खत्री, महिमा कुमारी, प्रभजोत कौर सहित सैकड़ों युवा मौजूद रहे।

 

 

युवा मन को समझने की पहल ने पेश की नई मिसाल

 

बदलते दौर में युवाओं की सोच, उनकी प्राथमिकताओं और उनके सपनों को समझना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। विशेषकर जेनरेशन-जेड की वह पीढ़ी, जो तकनीक के साथ आगे बढ़ रही है और देश एवं समाज के मुद्दों पर अपनी अलग सोच रखती है, उसके मनोभावों को समझने के लिए रुद्रपुर से एक अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। महापौर विकास शर्मा की पहल पर आयोजित “नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद-2026” प्रदेश में अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयास माना जा रहा है, जिसमें युवाओं को केवल भाषण सुनने के लिए नहीं बुलाया गया, बल्कि उन्हें शहर के भविष्य की योजनाओं में भागीदार बनाते हुए उनसे पूछा गया कि वह अपने सपनों का रुद्रपुर कैसा देखना चाहते हैं।

 

ऐसे समय में जब देशभर में युवाओं की सोच, उनकी अपेक्षाओं और व्यवस्था से संवाद को लेकर नई बहस चल रही है, यह पहल युवाओं और नेतृत्व के बीच विश्वास का नया पुल बनाने वाली साबित हो सकती है। युवा पीढ़ी को समझने के लिए जरूरी है कि उन्हें केवल संदेश न दिया जाए, बल्कि उनकी बात सुनी जाए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए महापौर विकास शर्मा ने युवाओं के बीच जाकर उनकी पीड़ा, उनकी उम्मीदों और उनके विचारों को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि युवा केवल सवाल लेकर नहीं आए, बल्कि समाधान और भविष्य का विजन लेकर सामने आए। किसी ने कल्याणी नदी के पुनर्जीवन की बात रखी तो किसी ने शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, पर्यावरण, तकनीक और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए सुझाव दिए।

 

यह संवाद इस सोच को भी मजबूत करता है कि आज के युवा को सही मंच और सही दिशा मिले तो वही युवा विकास का सबसे बड़ा भागीदार बन सकता है। महापौर विकास शर्मा ने युवाओं को यह भरोसा दिलाया कि उनके विचार सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें योजनाओं में शामिल कर धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। नई पीढ़ी से संवाद स्थापित करने की यह पहल आने वाले समय में अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है, जहां विकास की योजनाएं युवाओं की सोच और भागीदारी के साथ आगे बढ़ेंगी।


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