*किच्छा-सिरौलीकलां में 7 अक्टूबर को होगी मतगणना* *सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश, 9 अक्टूबर को मांगी अनुपालन रिपोर्ट; पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के आदेश*

*किच्छा-सिरौलीकलां में 7 अक्टूबर को होगी मतगणना*

*सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश, 9 अक्टूबर को मांगी अनुपालन रिपोर्ट; पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के आदेश*

रुद्रपुर। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों निकायों की मतगणना 7 अक्टूबर को कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अदालत ने 9 अक्टूबर को मतगणना संबंधी आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मतगणना के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

किच्छा निवासी सभासद प्रत्याशी अलीना मलिक की ओर से मतगणना जल्द कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की गई थी। याचिका अलीना मलिक बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखंड एंड अदर्स के नाम से दाखिल हुई है। मामले का केस नंबर SLP(C) No. 35514/2026 है। मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल रहे।

22 सितंबर को हुआ था मतदान

किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर को मतदान कराया गया था। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 24 सितंबर को मतगणना प्रस्तावित थी, लेकिन कानून व्यवस्था से जुड़े कारणों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया। मतदान के बाद दोनों निकायों की मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं और प्रत्याशी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

मतगणना स्थगित होने के बाद मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंचा था। मतगणना जल्द कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था। हाईकोर्ट ने मतगणना कराने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

दो दिन में करनी होगी पूरी व्यवस्था

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुमति याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सरकार की ओर से मतगणना में देरी के पक्ष में कानून व्यवस्था समेत अन्य परिस्थितियों का हवाला दिया गया, लेकिन शीर्ष अदालत ने मतगणना को और आगे टालने की अनुमति नहीं दी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 7 अक्टूबर को मतगणना कराई जाए।

इस आदेश के बाद प्रशासन को दो दिन के भीतर मतगणना की पूरी व्यवस्था करनी होगी। अदालत ने मतगणना के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन के सामने अब स्ट्रांग रूम की सुरक्षा से लेकर मतगणना स्थल की सुरक्षा तक सभी तैयारियां समय से पूरी करने की चुनौती है।

7 अक्टूबर को खुलेगा प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोनों नगर पालिकाओं में चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें अब 7 अक्टूबर पर टिक गई हैं। मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि किच्छा और सिरौलीकलां में अध्यक्ष पद की कमान किसके हाथ आएगी और विभिन्न वार्डों से कौन-कौन प्रत्याशी विजयी होंगे।

अदालत ने 9 अक्टूबर को अनुपालन रिपोर्ट तलब की है। ऐसे में प्रशासन के लिए 7 अक्टूबर को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से मतगणना कराना महत्वपूर्ण होगा।

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