*अब रूद्रपुर के गांवों में भी दौड़ेंगे कूड़ा संग्रहण वाहन* *- ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण की बड़ी समस्या का निकला हल* *- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखाई कूड़ा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी* *- महापौर विकास शर्मा के प्रयास से ग्राम पंचायतों के साथ हुआ एमओयू*

रुद्रपुर के गांवों में भी दौड़ेंगे कूड़ा संग्रहण वाहन

13 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की होगी व्यवस्था, फाजलपुर महरौला प्लांट में होगा निस्तारण

रुद्रपुर/खटीमा। नगर निगम रुद्रपुर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बनी कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था होगी। शुक्रवार को खटीमा के नगला तराई स्थित मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद के सात विकासखंडों के लिए कूड़ा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रुद्रपुर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपलब्ध कराए गए वाहन भी शामिल रहे।

नगर निगम रुद्रपुर ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आसपास की 13 ग्राम पंचायतों के साथ एमओयू किया है। इसके तहत गांवों से घर-घर कूड़ा एकत्र कर नगर निगम क्षेत्र के फाजलपुर महरौला स्थित फ्रेश वेस्ट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 12 पार्टिशनयुक्त कूड़ा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें तीन वाहन नगर निगम, छह वाहन नेस्ले कंपनी की ओर से सीएसआर के तहत, एक वाहन अशोका लेलेंड तथा दो वाहन रीप परियोजना की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत उपलब्ध 25 ई-रिक्शा और सात ट्रैक्टर-ट्रालियों का भी फ्लैग ऑफ किया गया।

नगर निगम से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। ग्राम प्रधानों ने भी कई बार इस समस्या के समाधान की मांग की थी। बीते दिनों महापौर विकास शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधानों की मुख्य विकास अधिकारी के साथ वार्ता कराई थी। बैठक में कूड़ा निस्तारण समेत ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई थी।

इसके बाद महापौर ने आसपास की ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिया था। नगर निगम ने ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की, जिसके तहत अब वाहनों का संचालन शुरू किया जा रहा है।

योजना के तहत मटकोटा, धरमपुर, छतरपुर, किरतपुर, दानपुर, बागवाला, बिंदुखेड़ा और भगवानपुर कोलड़िया समेत 13 ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। गांवों से एकत्र कूड़ा खुले में फेंकने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत फाजलपुर महरौला स्थित फ्रेश वेस्ट प्लांट पहुंचाया जाएगा।

स्वच्छता शहरों तक सीमित नहीं : धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वच्छता केवल शहरों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रभावी कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था जरूरी है। ग्राम पंचायतों में शुरू की जा रही यह व्यवस्था स्वच्छ और सुंदर क्षेत्र की परिकल्पना को साकार करने में सहायक होगी। सरकार नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

गांवों में कूड़ा जमा होने की समस्या होगी दूर : महापौर

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम सीमा से लगे गांवों में कूड़ा निस्तारण बड़ी समस्या थी। ग्राम प्रधानों ने कई बार उनके समक्ष यह मुद्दा उठाया। प्रधानों के साथ बैठक और सीडीओ स्तर पर वार्ता के बाद नगर निगम ने इसके समाधान की दिशा में काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों को भरोसा दिया गया था कि नगर निगम आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण के लिए सहयोग करेगा। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अब यह व्यवस्था धरातल पर उतर रही है। कूड़ा संग्रहण वाहन गांवों तक पहुंचेंगे और एकत्र कूड़े को व्यवस्थित तरीके से वेस्ट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ ही जगह-जगह कूड़ा जमा होने की समस्या से भी राहत मिलेगी।

महापौर ने सीएसआर के माध्यम से वाहन उपलब्ध कराने के लिए नेस्ले कंपनी और अशोका लेलेंड का आभार जताते हुए कहा कि नगर निगम, ग्राम पंचायतों और सामाजिक सहभागिता से स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान कीरतपुर आशीष यादव, ग्राम प्रधान बागवाला विनीत सोलंकी, ग्राम प्रधान बिंदुखेड़ा केवल सिंह, ग्राम प्रधान छतरपुर हरीश भट्ट, ग्राम प्रधान धरमपुर दीपक गोस्वामी, ग्राम प्रधान पूजा कुमारी, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह विर्क, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, एसएनए रणदीप सिंह, सफाई निरीक्षक कुलदीप सिंह, राजू नबियाल और डोर-टू-डोर मैनेजर रईस अहमद समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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