*भानु प्रताप पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाई दिवाली*
– *रंगोली, दीप सज्जा और विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा*
– *रामायण प्रसंगों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, प्रधानाचार्य ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
रुद्रपुर, 6 नवंबर। काशीपुर रोड स्थित शारदा नगर के भानु प्रताप पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को दीपावली का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। नर्सरी से कक्षा 11वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
दीपावली उत्सव के तहत विद्यार्थियों के लिए कक्षा-वार आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें मिट्टी के दीये और गणेश प्रतिमा बनाना, फूलों की रंगोली, दीप सज्जा, दिवाली कार्ड, लैंप, वॉल हैंगिंग, दीया होल्डर, थाली सज्जा, थ्री-डी दीये और लालटेन बनाना प्रमुख रहा। इसके अलावा टेबल टॉप सजावट और समूह रंगोली प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न सामग्रियों से आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। छात्राओं और छात्रों ने ‘राम आएंगे’, ‘मेरे घर राम आए हैं’ और ‘केसरी के लाल’ जैसे भक्ति गीतों पर प्रस्तुतियां दीं। कक्षा 8-ए की छात्राओं ने रंगारंग दिवाली नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि कक्षा छह और नौ के विद्यार्थियों ने ‘गोवर्धन लीला’ का मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को रामायण पर आधारित कहानी सत्रों और शैक्षिक वीडियो के माध्यम से दीपावली के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य महेश चंद्रा ने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि दीपावली बुराई पर अच्छाई, अज्ञानता पर ज्ञान और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। उन्होंने ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ के संदेश का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से अज्ञानता के स्थान पर ज्ञान, आलस्य के स्थान पर परिश्रम, क्रोध के स्थान पर दया और भय के स्थान पर आत्मविश्वास अपनाने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को हानिकारक पटाखों से दूर रहकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और प्रेम व सद्भाव के साथ ईको-फ्रेंडली दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सांस्कृतिक मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


