*झुंझुनू में करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत, कई झुलसे* *सड़क निर्माण के दौरान 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराई मशीन, हादसे के बाद ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन जारी*

*झुंझुनू में करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत, कई झुलसे*

 

*सड़क निर्माण के दौरान 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराई मशीन, हादसे के बाद ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन जारी*

 

जयपुर। राजस्थान के झुंझुनू जिले के छापोली गांव में सोमवार को सड़क निर्माण कार्य के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। रोड़ी मिलाने वाली मशीन के 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि की है।

 

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई मशीन

 

पुलिस के अनुसार, छापोली गांव में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिजली की लाइन 11 हजार वोल्ट की थी। तार के संपर्क में आते ही मशीन में करंट फैल गया और आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में आठ मजदूरों की जान चली गई, जबकि कई अन्य झुलस गए।

 

ग्रामीणों में आक्रोश, धरने पर बैठे लोग

 

हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। मजदूरों की मौत से गांव में शोक का माहौल है, वहीं घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी है। लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। ग्रामीण हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश

 

हादसे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रमिकों की असामयिक मृत्यु को अत्यंत दुखद बताते हुए संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घटना की जांच कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

 

सड़क निर्माण के दौरान हुए इस हादसे ने हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों का धरना जारी है। वहीं, घटना की विस्तृत जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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