*फर्जी डिग्री के आरोप में 26 अधिवक्ताओं पर एफआईआर*

*फर्जी डिग्री के आरोप में 26 अधिवक्ताओं पर एफआईआर*

प्रयागराज। फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराने के आरोप में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने 26 अधिवक्ताओं के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। संबंधित विश्वविद्यालयों से कराए गए अभिलेखों के सत्यापन में कथित तौर पर कुछ डिग्रियां और अंकपत्र फर्जी अथवा गलत पाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बार कौंसिल के सचिव आरके शुक्ला की ओर से दी गई तहरीर में इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन जून के आदेश का हवाला दिया गया है। इसके बाद पंजीकृत अधिवक्ताओं के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान कथित अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सिविल लाइंस पुलिस ने शोभित कुमार यादव, सुनील कुमार अवस्थी, पंकज कुमार, नफीस अहमद, देवेश कुमार, पवन हिडोल, श्याम सिंघल, अभय सक्सेना, नफीजुल हसन सिद्दीकी और दीपक कश्यप समेत 26 अधिवक्ताओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

बताया जा रहा है कि बार कौंसिल की ओर से 50 से अधिक अधिवक्ताओं के खिलाफ तहरीर दी गई है। शेष मामलों में भी पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है। बार कौंसिल के अनुसार, सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिवक्ताओं को वेरीफिकेशन समिति की ओर से अलग-अलग तिथियों में नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया था।

पुलिस अब पूरे मामले की विवेचना कर रही है। जांच में यह सामने आएगा कि कथित फर्जी शैक्षिक दस्तावेज कहां तैयार किए गए और उन्हें अधिवक्ता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल करने में संबंधित लोगों की क्या भूमिका रही।

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