*प्रशिक्षु आरक्षियों को एसएसपी अजय गणपति ने पढ़ाया अनुशासन और जनसेवा का पाठ*
अजय गणपति बोले— अनुशासन ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान
अजय गणपति ने सम्मेलन में जवानों को दिए अनुशासन के मूल मंत्र
अजय गणपति ने कहा— पीड़ित की बात सहानुभूति से सुनना पहली जिम्मेदारी
अजय गणपति ने प्रशिक्षु आरक्षियों से जाना बैरक और पारिवारिक समस्याओं का हाल
अजय गणपति ने प्रशिक्षु आरक्षियों को सेवा, समर्पण और पारदर्शिता का संदेश दिया
अजय गणपति ने कहा— जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान
रुद्रपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने शनिवार को पुलिस लाइन रुद्रपुर में प्रशिक्षु आरक्षियों का विशेष सम्मेलन लेकर उन्हें अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशीलता ही पुलिस विभाग की वास्तविक पहचान है तथा यही एक सफल पुलिसकर्मी की सबसे बड़ी पूंजी है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए एसएसपी ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सफलता और गरिमा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने प्रशिक्षु आरक्षियों को निर्देश दिए कि वे ऑन ड्यूटी के साथ-साथ ऑफ ड्यूटी भी अनुशासन का पालन करें तथा पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ जनता की सेवा करें। उन्होंने कहा कि युवा आरक्षी पुलिस बल का भविष्य हैं, इसलिए प्रत्येक पीड़ित की बात संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुनना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
सम्मेलन के दौरान एसएसपी ने प्रशिक्षु आरक्षियों से उनके रहन-सहन, खान-पान, बैरक की व्यवस्थाओं तथा निजी और पारिवारिक समस्याओं की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जब पुलिसकर्मी पारिवारिक चिंताओं से मुक्त रहेगा, तभी वह पूरी क्षमता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेगा।
उन्होंने जवानों को हमेशा साफ-सुथरी वर्दी धारण करने, समयपालन करने तथा ड्यूटी के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन डी.आर. वर्मा, प्रतिसार निरीक्षक गजेन्द्र परवाल, प्रतिसार निरीक्षक आरटीसी पुष्कर सिंह लसपाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







