*डबल वोट रखने वाले मतदाता खुद पहुंचे ERO कार्यालय, एक स्थान से नाम हटाने को दिए प्रार्थना पत्र*
- *पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की प्रेस वार्ता के बाद सामने आने लगे मामले, कुरैया और दरऊ क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने स्वीकार की स्थिति*
किच्छा। किच्छा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में दर्ज दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के बीच दो स्थानों पर नाम दर्ज होने वाले मतदाताओं ने अब स्वयं निर्वाचन कार्यालय का रुख करना शुरू कर दिया है। ऐसे मतदाता एक स्थान से अपना नाम हटाने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दे रहे हैं।
इसी क्रम में कुरैया और दरऊ क्षेत्र के दर्जनों लोग किच्छा स्थित ERO/उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनका नाम दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज है। मतदाताओं ने दोनों स्थानों में से किसी एक स्थान से नाम हटाने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया।
गौरतलब है कि किच्छा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित रूप से दर्ज 8,184 डबल वोट के मामले को लेकर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर मुद्दा उठाया था। भाजपा के BLA-1 राजेश तिवारी की ओर से भी निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आपत्तियां दर्ज कराते हुए दो स्थानों पर नाम दर्ज मतदाताओं के मामलों की जांच कर नियमानुसार एक स्थान से नाम हटाने की मांग की गई थी।
प्रेस वार्ता के बाद अब दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित मतदाताओं के स्वयं निर्वाचन कार्यालय पहुंचने से मामला चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि कई मतदाता मतदाता सूची को दुरुस्त कराने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से स्वयं सामने आ रहे हैं।
नोटिस के बाद सामने आ रहे मतदाता
उपजिलाधिकारी किच्छा गौरव पांडे ने बताया कि 13 अगस्त के बाद दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए संबंधित लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। दो स्थानों पर नाम पाए जाने वाले कुछ लोग स्वयं कार्यालय पहुंचकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं और एक स्थान से नाम हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया में दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों के आधार पर जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
SIR के तहत चल रही इस प्रक्रिया से मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण को गति मिलने की उम्मीद है। दो स्थानों पर नाम दर्ज होने के मामलों में संबंधित मतदाताओं के स्वयं सामने आने से सूची में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।











