*क्रिप्टो निवेश के नाम पर 1.55 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, छह पर मुकदमा*

*क्रिप्टो निवेश के नाम पर 1.55 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, छह पर मुकदमा*

देहरादून। क्रिप्टो कारोबार और डिजिटल टोकन में निवेश के नाम पर 1.55 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। क्लेमेंट टाउन थाना पुलिस ने चंद्र बल्लभ शुक्ला की तहरीर पर लविश चौधरी उर्फ नवाब अली समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम की धारा 21 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) व 61(2) के तहत कार्रवाई की है।

शिकायत के अनुसार फरवरी 2024 में लविश चौधरी अपने साथियों के साथ चंद्र बल्लभ के घर पहुंचा और उसे क्रिप्टो कारोबार व ऑनलाइन निवेश के बारे में जानकारी दी। आरोप है कि आरोपियों ने ऑनलाइन मंच पर खाता खुलवाकर शुरुआत में 60 हजार रुपये जमा कराए और पांच से आठ प्रतिशत तक ब्याज देने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा तीन माह में रकम निकालने पर 15 प्रतिशत और छह माह में 10 प्रतिशत तक लाभ का लालच दिया गया।

इसके बाद आरोपियों ने बॉटब्रो, बॉटअल्फा, क्रॉस मार्केट, माइन क्रिप्टो, मनु लाइफ, माई चेन और टीएलसी कॉइन समेत विभिन्न डिजिटल मंचों के नाम पर निवेश कराया। वीडियो बैठक, सोशल मीडिया, वाट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी दी जाती थी। आरोपियों ने इन मंचों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कारोबार, क्रिप्टो और टोकन विनिमय से जुड़ा बताया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक 4 अप्रैल 2024 से 4 फरवरी 2025 के बीच उससे कई बार रकम जमा कराई गई। इसमें 1.10 लाख, 1.20 लाख, 1.50 लाख, 3.60 लाख, 90 हजार और 1.10 लाख रुपये समेत अन्य भुगतान शामिल हैं। रकम चौप्टर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और एनपे बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड समेत विभिन्न खातों में भेजी गई। शिकायतकर्ता ने भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।

रकम और लाभ वापस मांगने पर आरोपियों ने निधि जारी करने, हस्तांतरण, टोकन खरीद समेत विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा। इस दौरान निवेश के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मंच और डोमेन के नाम भी बदलते रहे। आरोप है कि अक्टूबर 2025 में वीडियो बैठक के दौरान पुराने मंच को बंद कर रकम नए मंच पर स्थानांतरित करने की बात कही गई, लेकिन इसके बावजूद रकम वापस नहीं की गई।

शिकायतकर्ता ने 23 मार्च 2026 को एसएसपी देहरादून को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक के सचेत पोर्टल, आर्थिक अपराध शाखा और साइबर अपराध कार्यालय में भी शिकायत और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। बाद में मामला क्लेमेंट टाउन थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पहले भी दर्ज हैं दो मुकदमे

पुलिस के अनुसार लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के खिलाफ रायपुर थाने में धोखाधड़ी के दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इनमें करीब 25 करोड़ और 12 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप हैं। दोनों मामलों की जांच चल रही है। पुलिस के मुताबिक वर्तमान मामला उसके खिलाफ दर्ज तीसरा मुकदमा है। नामजद सभी छह आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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