ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उतरे दवा विक्रेता काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे रुद्रपुर के दवा व्यापारी

मेडिकल स्टोर खुले रखकर काली पट्टी बांध करेंगे विरोध

जनहित में मेडिकल स्टोर खुले रखने का निर्णय

केमिस्ट संगठन के आंदोलन को रुद्रपुर में मिला समर्थन

मरीजों की सुविधा को देखते हुए बंदी से अलग रहे दवा विक्रेता

 

रुद्रपुर। नगर के अनेक थोक एवं रिटेल दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तथा कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट के नाम पर नकली दवाओं के कारोबार के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स के आंदोलन का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने जनहित को देखते हुए देशव्यापी दुकानें बंद रखने के प्रस्ताव से असहमति जताते हुए मेडिकल स्टोर खुले रखने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में दवा विक्रेताओं ने उपजिलाधिकारी एवं औषधि निरीक्षक रुद्रपुर को ज्ञापन सौंपकर दवा वितरण व्यवस्था को बाधारहित बनाए रखने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि वे संगठन की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हैं, लेकिन व्यापक जनहित एवं क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी दुकानें बंद नहीं करना चाहते।

दवा विक्रेताओं ने बताया कि वे 20 मई को अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराएंगे, ताकि उनकी मांग सरकार तक पहुंच सके और दवाओं के अभाव में किसी मरीज को असुविधा न हो।

उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोग जबरन दुकानें बंद कराने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे दवा वितरण कार्य प्रभावित होने के साथ आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दवा विक्रेताओं के हितों एवं आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा सकें।

ज्ञापन सौंपने वालों में हरीश मुंजाल, राजकुमार हुड़िया, सुमित खुराना, संजीव कुमार, रुशील अरोड़ा, चेतन कुमार, अमित छाबड़, सुशांत रंग, राणा प्रताप, महेंद्र सिंह, अशोक, मुनिराज, राजेश कुमार, कुलदीप कुमार, शैलेन्द्र गंगवार, छत्रपाल सैनी एवं अजय राजपूत समेत अनेक दवा विक्रेता शामिल रहे।

Advertisement
Advertisement
Advertisement