*मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर ने खींचा दुनिया का ध्यान*

*मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर ने खींचा दुनिया का ध्यान*

नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेताओं की एक तस्वीर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बनी हुई है। तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नजर आ रहे हैं। तीनों नेताओं के बीच दिखी गर्मजोशी को वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी दोनों नेताओं का हाथ थामे हुए दिखाई दे रहे हैं। भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की इस तरह की सहज मौजूदगी को द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, भारत और रूस के पारंपरिक रूप से मजबूत संबंध भी इस तस्वीर में नजर आए।
कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, भारत, रूस और चीन की एक साथ मौजूदगी वैश्विक मंच पर एशिया की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। रूस प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल है, जबकि भारत और चीन दुनिया के बड़े ऊर्जा आयातक देशों में हैं। ऐसे में तीनों देशों के बीच सहयोग आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की सामूहिक ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के सदस्य देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक जीडीपी में उनका योगदान लगभग 40 प्रतिशत है।
नई दिल्ली घोषणा पत्र सर्वसम्मति से मंजूर
ब्रिक्स सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों में नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा पत्र को लेकर सभी सदस्य देशों की सहमति की जानकारी दी। सम्मेलन में 11 पूर्ण सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के साथ 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
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