*प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर टिप्पणी निंदनीय, कांग्रेस देश से मांगे माफी: विकास शर्मा*
*महापौर ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादाएं लांघने का लगाया आरोप, उत्तराखंड आने वाले कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाने की चेतावनी*
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर महापौर विकास शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए कांग्रेस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि माफी नहीं मांगने पर उत्तराखंड आने वाले कांग्रेस नेताओं का काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के दिवंगत परिजनों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने की बेचैनी में राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रख रही है। प्रधानमंत्री की दिवंगत माता के प्रति पहले भी अमर्यादित टिप्पणियां की गईं और अब उनके पिता को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के करोड़ों लोगों के प्रिय हैं। उनके परिवार के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि राजनीतिक संवाद की गरिमा के भी विपरीत है। महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय विवादों और भ्रामक प्रचार के सहारे जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
विकास शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकारें विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर जनता के बीच जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों को मुफ्त राशन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वहीं, उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार विकास कार्यों के माध्यम से जनता का विश्वास हासिल कर रही है।
महापौर ने कहा कि कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष है। उन्होंने कांग्रेस से राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने और इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और दिवंगत परिजनों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है।


