*उत्तराखंड के सम्मान का मुद्दा राजनीति से ऊपर, जनसमस्याओं पर भी जवाब दें धामी: डॉ. गणेश उपाध्याय* *अखिलेश यादव के बयान पर प्रदेश की भावनाओं का सम्मान करने की जरूरत, सीबीआई जांच और वीआईपी आरोपी को लेकर भी उठाए सवाल*

*उत्तराखंड के सम्मान का मुद्दा राजनीति से ऊपर, जनसमस्याओं पर भी जवाब दें धामी: डॉ. गणेश उपाध्याय*

 

*अखिलेश यादव के बयान पर प्रदेश की भावनाओं का सम्मान करने की जरूरत, सीबीआई जांच और वीआईपी आरोपी को लेकर भी उठाए सवाल*

 

रुद्रपुर। उत्तराखंड कांग्रेस के महामंत्री एवं राज्य आंदोलनकारी डॉ. गणेश उपाध्याय ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनके बयान से उत्तराखंड की जनता में आक्रोश है, तो उन्हें अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए और प्रदेश की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं करती, जिससे उत्तराखंड के लोगों के सम्मान को ठेस पहुंचती हो।

 

डॉ. उपाध्याय ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी सवाल करते हुए कहा कि क्या प्रदेश के सम्मान की चिंता केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगी या सरकार बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर भी जवाब देगी? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटी, उसका परिवार और प्रदेश के लोग न्याय की मांग को लेकर आंदोलित हैं। ऐसे में सीबीआई जांच का क्या हुआ और वीआईपी आरोपी कहां है, इन सवालों का जवाब भी जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि की जनता पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को लेकर भी सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।

 

गठबंधन की राजनीति का जिक्र करते हुए डॉ. उपाध्याय ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के समय भाजपा ने उनकी सरकार को बाहरी समर्थन दिया था। यह राजनीतिक इतिहास का हिस्सा है। इसलिए गठबंधन की राजनीति पर चर्चा करते समय इतिहास के सभी तथ्यों को सामने रखा जाना चाहिए।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक सहयोग अपनी जगह है, लेकिन उत्तराखंड का स्वाभिमान सर्वोपरि है। गठबंधन का अर्थ यह नहीं है कि सहयोगी दलों के हर बयान से सहमति जताई जाए। तथ्यों और मर्यादा के आधार पर सहयोगियों से भी सवाल पूछे जा सकते हैं।

 

डॉ. उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण राज्य आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। प्रदेश के लोगों ने देश की रक्षा, विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उत्तराखंड के लोगों के सम्मान पर सवाल उठाने वाली किसी भी टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का सम्मान राजनीति से ऊपर है और सभी राजनीतिक दलों को प्रदेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। साथ ही, सरकार को जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का सम्मान प्रदेशवासियों का स्वाभिमान है और राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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