*जेसीज पब्लिक स्कूल में एआई के उपयोग पर सीबीएसई कार्यशाला*

*जेसीज पब्लिक स्कूल में एआई के उपयोग पर सीबीएसई कार्यशाला*

एआई से तैयार होंगे विद्यार्थियों की जरूरत के अनुरूप शिक्षण के तरीके

क्विज से प्रेजेंटेशन तक, एआई के उपयोग के बताए तरीके

NotebookLM और Suno App के शैक्षिक उपयोग से रूबरू हुए शिक्षक

जेसीज पब्लिक स्कूल में शिक्षकों की क्षमता निर्माण के लिए सीबीएसई कार्यशाला

 

रुद्रपुर। जेसीज पब्लिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) उत्कृष्टता केंद्र, देहरादून के तत्वावधान में ‘कक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ बीएलएम अकादमी, हल्द्वानी की पीजीटी नीलिमा उपाध्याय और सिंह इंटरनेशनल स्कूल, खटीमा के उपप्रधानाचार्य अमन अग्रवाल ने शिक्षकों को एआई के शैक्षिक उपयोग की जानकारी दी।

कार्यशाला के शुभारंभ पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विशेषज्ञों और प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एआई की बढ़ती उपयोगिता और शिक्षकों की क्षमता निर्माण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। विद्यालय के निदेशक, प्रधानाचार्य एवं सेक्शन हेड्स ने विशेषज्ञों को बैज लगाकर और इको-पॉट भेंट कर सम्मानित किया।

विशेषज्ञों ने एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की जरूरतों को समझने और उनके अनुरूप शिक्षण रणनीति तैयार करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की शैली, क्षमता और कठिनाइयां अलग होती हैं। एआई आधारित प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया, प्रगति और कठिनाइयों का विश्लेषण कर शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण योजना बनाने में मदद कर सकते हैं।

कार्यशाला को चार सत्रों में विभाजित किया गया। पहले सत्र में एआई की अवधारणा, शिक्षा के क्षेत्र में इसकी संभावनाओं और सीमाओं पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र में एआई की मदद से क्विज और प्रेजेंटेशन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। तीसरे सत्र में NotebookLM और Suno App की उपयोगिता एवं शैक्षिक क्षेत्र में उनके संभावित प्रयोगों की जानकारी दी गई। चौथे सत्र में एआई के उपयोग में नैतिकता, जिम्मेदारी और आवश्यक सावधानियों पर चर्चा की गई।

इस दौरान शिक्षकों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने व्यावहारिक एवं समाधानपरक तरीके से जवाब दिया। एआई के माध्यम से कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, रचनात्मक, प्रभावी और सहभागितापूर्ण बनाने के विभिन्न तरीकों का भी प्रदर्शन किया गया।

विद्यालय प्रबंधन समिति के महासचिव सुरजीत सिंह ग्रोवर ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के लिए इस प्रकार की क्षमता निर्माण कार्यशालाएं आवश्यक हैं। आधुनिक तकनीक का शिक्षण में समुचित समावेश विद्यार्थियों के लिए सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराता है।

समापन अवसर पर सिमरनजीत कौर ने विषय विशेषज्ञों और प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।

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