हल्दी घेरा में सात करोड़ की आधुनिक गोशाला का उद्घाटन
दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय, किसानों को फसल और सड़क हादसों से राहत की उम्मीद
खटीमा। हल्दी घेरा गांव में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से आठ एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित आधुनिक गोशाला का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित की गई इस गोशाला में दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्घाटन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सड़कों, राजमार्गों और गली-मोहल्लों में बेसहारा गोवंश के घूमने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। साथ ही किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचता था। हल्दी घेरा की आधुनिक गोशाला इन दोनों समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में गोमाता को पूजनीय स्थान प्राप्त है और गोवंश का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह गोशाला महज भवन नहीं, बल्कि गोवंश संरक्षण और किसानों की आजीविका की सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। यहां बेसहारा गोवंश को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण के साथ चारा व देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि गोशाला के संचालन से खेतों में बेसहारा पशुओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर गोवंश की मौजूदगी घटने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। सरकार जिला पंचायतों और स्थानीय निकायों के माध्यम से प्रदेश में गोसंरक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा और सीमांत क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने गोवंश संरक्षण को सरकार के संकल्प के साथ-साथ समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए स्थानीय लोगों से भी सहयोग और जागरूकता की अपील की।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, सरिता राणा, दीपक बाली, रमेश जोशी, रंजीत नामधारी, प्रेम सिंह टुरना, राजेश शुक्ला, रविंद्र राणा, राजपाल सिंह, सोमनाथ मौर्य, हरीश मुंजाल, उत्तम दत्ता, मनोज शाही, श्रीपाल और प्रेम सिंह राणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग मौजूद रहे।


