*भूमि विनियमितीकरण की समयसीमा बढ़ाने की मांग, राजेश शुक्ला ने किसानों को दिया भरोसा*
किच्छा। क्षेत्र के वरिष्ठ किसान नेता श्याम चंद कम्बोज ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से मुलाकात कर प्रदेश में भूमि विनियमितीकरण की समाप्त हो चुकी समयसीमा को पुनः बढ़ाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि समयसीमा समाप्त होने के कारण ऊधमसिंहनगर समेत प्रदेश के सैकड़ों किसान और अन्य पात्र लाभार्थी अब तक भूमि विनियमितीकरण का लाभ नहीं ले सके हैं। उन्होंने पूर्व विधायक से इस मामले में शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी कर पुनः शासनादेश जारी कराने का आग्रह किया।
श्याम चंद कम्बोज ने कहा कि वर्ष 2019 में राजेश शुक्ला के विधायक रहते किए गए प्रयासों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ग-4 समेत विभिन्न श्रेणियों की भूमि के विनियमितीकरण की समयसीमा बढ़ाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2019 को किच्छा में आयोजित मुख्यमंत्री के अभिनंदन समारोह में राजेश शुक्ला ने वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समयसीमा समाप्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शासन स्तर से निर्धारित अवधि बढ़ाने का शासनादेश जारी हुआ था।
इस व्यवस्था के तहत वर्ग-4 व वर्ग-3 की भूमि के साथ नजूल एवं लीज पट्टों, नगर पंचायत क्षेत्रों में लंबे समय से काबिज पात्र लोगों तथा गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, 1895 के तहत आवंटित भूमि के पात्र लाभार्थियों को भूमि संबंधी अधिकार प्राप्त करने का अवसर मिला था। किसान नेता ने कहा कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में किसान और अन्य पात्र लोग इस सुविधा से वंचित रह गए हैं। उन्होंने सरकार से एक बार फिर भूमि विनियमितीकरण की समयसीमा बढ़ाकर पात्र लोगों को राहत देने की मांग की।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि भूमि विनियमितीकरण का मामला हजारों किसानों और परिवारों के हितों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विधायक रहते उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से उठाया था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख से समयसीमा बढ़ाने का शासनादेश जारी हुआ और अनेक लोगों को इसका लाभ मिला। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं।
शुक्ला ने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को पुनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष गंभीरता से रखेंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर भूमि विनियमितीकरण की समयसीमा दोबारा बढ़ाने तथा पात्र किसानों एवं अन्य लाभार्थियों को इसका लाभ देने के लिए शासनादेश जारी करने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंहनगर समेत पूरे प्रदेश के पात्र किसानों को राहत दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।











