*_अशफाक ने 4 नाबालिग लड़कियों को जाल में फंसाया, 5 लाख में हुई डील, नेपाल में बेचने की थी तैयारी_*

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*_अशफाक ने 4 नाबालिग लड़कियों को जाल में फंसाया, 5 लाख में हुई डील, नेपाल में बेचने की थी तैयारी_*

मोतिहारी : बिहार के मोतिहारी में शिकारगंज से मानव तस्करी की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. पुलिस ने लव ट्रैप में फंसाकर 4 नाबालिग लड़कियों के अपहरण और उन्हें नेपाल में बेचने की कोशिश करने वाले मौलवी अशफाक को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने कबूल किया है कि अगर पुलिस एक घंटे और देर करती तो वह सभी बच्चियों को लेकर नेपाल बॉर्डर पार कर जाता. वहां इन लड़कियों की 5 लाख रुपये में डील हुई थी.

36 घंटे में पुलिस का एक्शन : यह मामला शिकारगंज थाना क्षेत्र का है. 3 जून को चार नाबालिग लड़कियों के अपहरण की शिकायत मिली थी. एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार की टीम ने 36 घंटे के अंदर चारों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया. ढाका थाना क्षेत्र के करसहिया निवासी आरोपी मौलवी अशफाक को गिरफ्तार किया गया.

अशफाक ने किया सनसनीखेज खुलासा : पूछताछ में आरोपी ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं. आरोपी अशफाक ने पुलिस को बताया कि 2022 में वह मौलवी की पढ़ाई के दौरान नेपाल गया था. वहां एक होटल में उसकी मुलाकात एक भारतीय लड़के से हुई. उस लड़के ने अशफाक को बताया कि मदरसे में पढ़ाने के दौरान नाबालिग लड़कियों से संपर्क बनाकर उन्हें नेपाल लाने पर लाखों रुपये मिलेंगे. आरोपी के मुताबिक 12 से 16 साल की लड़कियों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की रकम तय थी.

लड़कियों को जाल में फंसाया : अशफाक को पढ़ाई पूरी करने के बाद शिकारगंज के एक गांव के मदरसे में नौकरी मिल गई. यहां उसने एक नाबालिग छात्रा को निशाना बनाया. आरोपी उसे अलग से पढ़ाता था और बातचीत कर विश्वास जीतने लगा. धीरे-धीरे उसने लड़की का मोबाइल नंबर ले लिया. इसके बाद आरोपी ने पहली लड़की की सहेली को भी अपने जाल में फंसा लिया.

चारों नाबालिगों को 5 लाख में बेचने चला था : आरोपी ने कबूला है कि नेपाल में सक्रिय गिरोह से उसका संपर्क था. उसे लड़कियां सप्लाई करने के बदले पैसे का लालच दिया गया था. वह चारों बच्चियों को 5 लाख रुपये में बेचने वाला था. बॉर्डर पार कराने की पूरी तैयारी थी.

बस से मोतिहारी पहुंचा : आरोपी ने कबूल किया कि उसने लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाए. विदेश घुमाने और बेहतर जिंदगी का झांसा दिया. 3 जून की सुबह उसने एक लड़की को फोन कर उसकी बहन, सहेली और बहन की दोस्त को साथ बुलाया. चारों लड़कियों को लेकर वह बस से मोतिहारी पहुंचा. गंगा पीपर चौक से ऑटो से एक कमरे में भेज दिया और खुद घर चला गया, ताकि किसी को शक न हो.

बॉर्डर क्रॉस करने वाला ही था, तभी.. : पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार लड़कियों के संपर्क में था. मोतिहारी में पुलिस की सक्रियता देखकर उसने सभी को ढाका भेज दिया. चारों को भारत-नेपाल बॉर्डर के पास एक कमरे में रखा गया. 4 जून को आरोपी खुद वहां पहुंचा. 5 जून की सुबह बॉर्डर क्रॉस करने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने छापेमारी कर सभी को बरामद कर लिया. आरोपी के पास से एक लड़की का मोबाइल भी मिला है.

”पुलिस ने चारों बच्चियों का 164 के तहत बयान दर्ज कराकर परिजनों को सौंप दिया है. आरोपी अशफाक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. उस पर अपहरण, पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी की धाराएं लगाई गई हैं. यह संगठित गिरोह का मामला है. नेपाल कनेक्शन की जांच के लिए विशेष टीम काम कर रही है.”- स्वर्ण प्रभात, एसपी मोतिहारी

‘हम कभी घर नहीं लौट पाते’ : बरामद नाबालिग लड़कियों ने कहा कि हमें लगता था कि वह हमसे प्यार करता है. कहता था घुमाने ले जाएगा. लेकिन बाद में पता चला कि बेचने वाला था. शिकारगंज थानाध्यक्ष थोड़ी देर और कर देते तो हम कभी घर नहीं लौट पाते. जो हमें पढ़ाता था, वही हमें बेचने चला था.

मानव तस्करी गिरोह का नेटवर्क : कुल मिलाकर यह मामला सिर्फ एक मौलवी की करतूत नहीं, बल्कि बॉर्डर पर सक्रिय मानव तस्करी गिरोह के नेटवर्क की तरफ इशारा करता है. लव ट्रैप के जरिए नाबालिगों को निशाना बनाया जा रहा है. पुलिस की तत्परता से चार जिंदगियां बच गईं, लेकिन सवाल अब भी बाकी है कि इस रैकेट के बाकी चेहरे कब बेनकाब होंगे.


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