शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अल्मोड़ा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में भारतीय सेना के एक सैन्य अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त 5 असम रेजिमेंट के अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को रविवार को उनके गृह जनपद अल्मोड़ा में पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद अधिकारी का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से अल्मोड़ा लाया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए विश्वनाथ घाट ले जाया गया।
विश्वनाथ घाट पर सैन्य परंपराओं के अनुरूप आयोजित अंतिम संस्कार में भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर तथा गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद अधिकारी को अंतिम सलामी दी। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान मौजूद लोगों ने भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों के साथ उन्हें भावभीनी विदाई दी।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
इस अवसर पर चंद्रशेखर आर घोड़के, युक्ता मिश्र सहित सैन्य अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा परिजनों को सांत्वना दी।
महज 25 वर्ष की आयु में राष्ट्र सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का नाम साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में सदैव याद किया जाएगा। उनका बलिदान देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।







