*खगड़िया में मानवता हुई शर्मसार, आर्थिक तंगी के कारण तीन दिन तक पति के शव के पास बैठी रही पत्नी*
नई दिल्ली/खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा के कारण एक महिला अपने पति के शव का अंतिम संस्कार तक नहीं करा सकी और तीन दिनों तक शव के पास बैठकर सहायता का इंतजार करती रही। इस दौरान आसपास के लोगों ने भी उसकी सुध नहीं ली। मामला तब सामने आया जब शव से दुर्गंध आने लगी और इसकी जानकारी मोहल्ले से बाहर पहुंची।
जानकारी के अनुसार, मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले मन्नु साह कैंसर से पीड़ित थे। आर्थिक अभाव के चलते उनका समुचित इलाज नहीं हो सका और तीन दिन पहले उनका निधन हो गया। पति की मौत के बाद उनकी पत्नी अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक धनराशि जुटाने में असमर्थ रही और तीन दिनों तक शव के पास बैठकर विलाप करती रही।
घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड संख्या-14 के पार्षद पप्पू यादव मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा नगर प्रशासन के सहयोग से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके बाद मृतक का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया। बताया गया कि पति की चिता को मुखाग्नि देते समय पत्नी ने कफन पहन रखा था, जिसे देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
बताया जाता है कि मन्नु साह पहले किराए के मकान में रहते थे, लेकिन बाद में रामचंद्रा वार्ड-5 में झुग्गी बनाकर रहने लगे थे। मजदूरी से किसी तरह परिवार का गुजारा होता था। उनका एक बेटा दूसरे राज्य में काम करता है, लेकिन मां के पास उसका संपर्क नंबर नहीं होने के कारण उसे पिता के निधन की सूचना भी नहीं दी जा सकी।
यह घटना सामाजिक संवेदनहीनता और आर्थिक विषमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते किसी ने मदद का हाथ बढ़ाया होता तो एक असहाय महिला को तीन दिनों तक इस पीड़ा से नहीं गुजरना पड़ता।







