जेसीज में बैडमिंटन प्रतियोगिता के चौथे दिन खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
अंतरविद्यालयीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अर्पिता और सिंथिया स्कूल की जोड़ी बनी विजेता
जेपीएस बैडमिंटन प्रतियोगिता के चौथे दिन दिखा खेल प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन
बैडमिंटन कोर्ट पर खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, विजेताओं को किया सम्मानित
जेसीज पब्लिक स्कूल में बैडमिंटन खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार खेल कौशल
रुद्रपुर। जेसीज पब्लिक स्कूल में आयोजित पांच दिवसीय आठवीं अंतरविद्यालयीय जेपीएस बैडमिंटन प्रतियोगिता के चौथे दिन खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में आठ विद्यालयों के 40 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। विभिन्न वर्गों के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल और अनुशासन का परिचय दिया।
चौथे दिन अंडर-14 बालिका एकल वर्ग का फाइनल मुकाबला आर्यमन बिरला स्कूल, हल्द्वानी की अर्पिता जोशी और समर स्टडी हॉल, काशीपुर की आरोही के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में अर्पिता जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आरोही द्वितीय स्थान पर रहीं। एमेनिटी पब्लिक स्कूल की रितान्या जोशी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
वहीं अंडर-14 बालक युगल वर्ग का फाइनल मुकाबला सेंट थेरेसा स्कूल, हल्द्वानी के अंगद सिंह एवं कनिष्क कर्नाटक तथा सिंथिया पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी के भावेश जोशी एवं शौर्य बोरा के बीच खेला गया। इसमें सिंथिया पब्लिक स्कूल की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सेंट थेरेसा स्कूल की जोड़ी को द्वितीय स्थान से संतोष करना पड़ा। जेसीज पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर के हर्षित पांडे एवं अभिज्ञान सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द देखने को मिला। सभी प्रतिभागियों ने खेल भावना एवं अनुशासन का परिचय देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विद्यालय प्रबंधन समिति के महासचिव सुरजीत सिंह ग्रोवर ने विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए खेल प्रशिक्षकों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों को समय-समय पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के अवसर प्रदान करता है। विद्यालय में शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाता है।











