रुद्रपुर: संजय कॉलोनी–मस्जिद कॉलोनी बेदखली नोटिस पर बवाल, पुनर्वास से पहले कार्रवाई न करने की मांग
बिना पुनर्वास उजाड़ना अन्याय—राजेश शुक्ला ने उठाई आवाज
कॉलोनीवासियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे राजेश शुक्ला, कार्रवाई पर रोक की मांग
रुद्रपुर। पंतनगर क्षेत्र की संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी में सैकड़ों परिवारों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नोटिस से आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने बुधवार को पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा और पुनर्वास से पहले बेदखली कार्रवाई न करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में बताया गया कि कॉलोनी के अधिकांश परिवार पिछले 60-65 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं। उनके पास वोटर आईडी, राशन कार्ड, जाति एवं स्थायी निवास प्रमाण पत्र के साथ विद्युत बिल जैसे दस्तावेज मौजूद हैं, जो लंबे समय से निवासरत होने का प्रमाण देते हैं। आरोप है कि 13 अप्रैल को पंतनगर विश्वविद्यालय के परिसंपत्ति अधिकारी द्वारा घर-घर नोटिस चस्पा कर 30 अप्रैल तक मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही समयसीमा के बाद ध्वस्तीकरण की चेतावनी और खर्च वसूली की बात भी कही गई है, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि किसी भी सूरत में संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई कार्रवाई करनी है तो पहले प्रभावित परिवारों के लिए समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि वर्षों से बसे लोगों को बिना पुनर्वास के हटाना न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने हल्द्वानी के वनभूलपुरा और बिंदुखत्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी सरकार सर्वे कर पुनर्वास और मालिकाना हक देने की प्रक्रिया अपना रही है। पंतनगर के इन निवासियों के मामले में भी संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह केवल जमीन का नहीं बल्कि सैकड़ों परिवारों के आशियाने और आजीविका का सवाल है।
इस दौरान बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी मौजूद रहे और प्रशासन से न्याय की मांग की।







