*मजदूरों की मांगों को लेकर 22 नवंबर को देहरादून में ऐक्टू का विशाल प्रदर्शन*
*दिनेश तिवारी बने ऐक्टू के नये राज्य अध्यक्ष*
हल्द्वानी। भारत में सिकुड़ते लोकतांत्रिक अधिकारों की वापसी और मजदूर वर्ग की मांगों को लेकर ऐक्टू 22 नवंबर को देहरादून में विशाल प्रदर्शन करेगा। यह घोषणा ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड राजीव डिमरी ने हल्द्वानी स्थित चेतना भवन में आयोजित राज्य काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए की।
कॉमरेड राजीव डिमरी ने कहा कि दिल्ली जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन की जीत ने देश के उत्पीड़ित समुदायों और मजदूर वर्ग के आंदोलनों में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए मजदूर आंदोलन को अपनी मांगें मजबूती से उठानी होंगी। पानीपत से लेकर नोएडा, मानेसर और उत्तराखंड तक औद्योगिक एवं ठेका मजदूरों के स्वत:स्फूर्त आंदोलनों ने मजदूरों की बदहाल स्थिति को सामने ला दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों में मजदूरों के आंदोलनों को दमन, लाठी और जेल के जरिए दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मजदूरों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल रही है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के अधिकार पर भी अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने मजदूर वर्ग से बेहतर मजदूरी और अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
डिमरी ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने 36 हजार रुपये न्यूनतम वेतन घोषित किया है, जबकि देश का ट्रेड यूनियन आंदोलन 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहा है। उन्होंने प्रत्येक मजदूर को बोनस और ईएसआईसी बीमा की गारंटी, आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
बैठक को भाकपा माले के राज्य सचिव कॉमरेड इन्द्रेश मैखुरी ने भी संबोधित किया। उन्होंने विष्णुगाड़-पीपलकोटी हादसे में मजदूरों की मौत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हादसे ने राज्य में मजदूरों की सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे की पूर्व सूचना होने के बावजूद टीएचडीसी प्रबंधन की मनमानी पर रोक नहीं लगाई गई। उन्होंने मृत मजदूरों के परिजनों को एक करोड़ रुपये तथा घायलों को 50 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की।
दिनेश तिवारी बने नये राज्य अध्यक्ष
राज्य काउंसिल की बैठक में वरिष्ठ शिक्षक-कर्मचारी एवं मजदूर नेता कॉमरेड निशान सिंह के निधन से रिक्त हुए ऐक्टू के राज्य अध्यक्ष पद पर औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख मजदूर नेता कॉमरेड दिनेश तिवारी को सर्वसम्मति से चुना गया। बैठक की शुरुआत दिवंगत पूर्व राज्य अध्यक्ष कॉमरेड निशान सिंह, ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड आरएन ठाकुर तथा पीपलकोटी हादसे में मारे गए मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर एक मिनट का मौन रखकर की गई।
बैठक में 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी लागू करने, ईएसआईसी लाभ के लिए वेतन सीमा हटाने, कंपनियों एवं सरकारी विभागों से आउटसोर्स और ठेका प्रथा समाप्त करने, स्थायी कर्मचारियों के समान कार्य करने वाले ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को समान वेतन देने, प्रत्येक मजदूर को न्यूनतम 8.33 प्रतिशत बोनस की गारंटी देने तथा आशा, आंगनबाड़ी और भोजनमाता कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांगों को लेकर 22 नवंबर को देहरादून में विशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया।
काउंसिल ने वर्ष 2027 में राज्य सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित करने, राज्य कमेटी का बैंक खाता खोलने तथा सदस्यता विस्तार के लक्ष्य तय करने सहित कई संगठनात्मक फैसले भी लिए।
बैठक में राज्य अध्यक्ष दिनेश तिवारी, राज्य महामंत्री केके बोरा, उपाध्यक्ष कैलाश पांडेय व जोगेंद्र लाल, राज्य उपसचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष ललित मटियाली समेत उदय धामी, रीता कश्यप, किशन सिंह बघरी, सरस्वती पुनेठा, अनीता अन्ना, वीरभद्र भंडारी, मोहन सिंह, महेश तिवारी, कमल सिंह, मनोज सिंह आर्य, धन सिंह गड़िया, चंदन नेगी, दीपक कांडपाल, मुकेश जोशी, संजय कुमार, प्रकाश नेगी, भीम सिंह, उत्तम दास सहित विभिन्न जिलों एवं नगरों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित राज्य अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने की, जबकि संचालन राज्य महामंत्री केके बोरा ने किया।










