*GST काउंसिल के पांच बड़े फैसलों पर लगी मुहर, कारोबारियों को मिलेगी राहत*
नई दिल्ली। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में करदाताओं और कारोबारियों को राहत देने वाले कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। भारत मंडपम में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जीएसटी व्यवस्था में प्रस्तावित बड़े सुधारों की जानकारी दी। इन फैसलों को जीएसटी 2.0 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने का फैसला किया गया है। इसके तहत कारोबारियों को रिफंड के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आवेदन को 10 दिन में स्वीकार करने और अगले सात दिन में राशि खाते में जारी करने का प्रस्ताव है। इसके तहत 90 प्रतिशत राशि तत्काल जारी किए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा गया है। बिना अदालत की मंजूरी के गिरफ्तारी की कार्रवाई पर रोक लगाने और धारा 69 को समाप्त करने का प्रस्ताव है।
टैक्स चोरी के मामलों में भी कारोबारियों को राहत देने का फैसला किया गया है। अब आपराधिक कार्रवाई के लिए टैक्स चोरी की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। इससे छोटी कर चोरी के मामलों में आपराधिक मुकदमे का खतरा कम होगा।
ईमानदार कारोबारियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यदि किसी सप्लायर की ओर से टैक्स जमा नहीं किया जाता है, तो भी निर्धारित शर्तों के तहत ईमानदार खरीदार का आईटीसी नहीं रोका जाएगा।
फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन लागू करने का भी फैसला किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने और जीएसटी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।


