*गैरसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू, कांग्रेस और यूकेडी ने किया प्रदर्शन*
*पूर्व सीएम खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि, स्थायी राजधानी की मांग पर यूकेडी ने किया विधानसभा कूच*
गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार को दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू हो गया। सुबह 11 बजे वंदे मातरम् के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं, विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को बचाने के आरोप और सत्र की अवधि कम रखने पर विरोध जताया, जबकि यूकेडी ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा भवन में दोनों दिवंगत नेताओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेता प्रतिपक्ष ने भी दोनों नेताओं को याद करते हुए उनके राजनीतिक जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक अरविंद पांडेय, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक बंशीधर भगत और मंत्री रेखा आर्या ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इससे पहले विधानसभा सत्र में शामिल होने पहुंचे मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों का मुख्य द्वार पर स्वस्ति वाचन के साथ स्वागत किया गया। उधर, कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर धरना देकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस विधायक मंत्री आवास से जुलूस के रूप में विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचे। उनके हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित नारे लिखी तख्तियां थीं। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को बचाने के आरोप लगाते हुए मामले में न्याय की मांग की। साथ ही दो दिवसीय विधानसभा सत्र की अवधि कम होने पर भी सवाल उठाए।
स्थायी राजधानी की मांग पर यूकेडी का विधानसभा कूच
गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने भी मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन किया। विधानसभा का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने दिवालीखाल, जंगलचट्टी और अन्य स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इस दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें कीं।
जंगलचट्टी में यूकेडी, कांग्रेस और स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर दिवालीखाल की ओर बढ़ने की कोशिश की। यहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने दूसरी बार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सिमली बैंड क्षेत्र में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने की सूचना मिली। वहीं, दुगथम्बा बैरियर पर पहुंचे यूकेडी के युवा कार्यकर्ताओं ने ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के समर्थन में नारे लगाए। यूकेडी नेता आशीष नेगी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
बैरिकेडिंग पर चढ़े कांग्रेस नेता, सड़क पर लेटे गोदियाल
भराड़ीसैंण से करीब 10 किलोमीटर पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी बैरिकेडिंग उखाड़कर खाई में फेंक दी। दिवालीखाल में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत अन्य नेता बैरियर पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलकर आगे बढ़ने से रोका। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस द्वारा उनकी गाड़ी रोके जाने के बाद वह पैदल ही बैरिकेडिंग की ओर बढ़े। इस दौरान गोदियाल सड़क पर लेट गए। उनके साथ करन माहरा भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा घेराव के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड, मामले में कथित वीआईपी को बचाने के आरोप और विधानसभा सत्र की कम अवधि समेत कई मुद्दे उठाए। पार्टी विधायकों ने विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रधान संघ के सदस्यों को हिरासत में लिया
दिवालीखाल में प्रधान संघ के सदस्य भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए उन्हें बस में बैठाकर हिरासत में लिया। विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। पूरे क्षेत्र में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के चलते दिनभर गहमागहमी बनी रही।


