*पंचायती राज व्यवस्था की विसंगतियों के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य लामबंद*
*12 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन*
देहरादून, 7 अक्टूबर। प्रदेश जिला पंचायत सदस्य संगठन ने पंचायती राज व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों और जिला पंचायत सदस्यों की कथित उपेक्षा के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न मांगों को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में मांगों के समर्थन में 12 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 13 जिलों के जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
संगठन ने सरकार से प्रदेश में तत्काल जिला योजना समिति (डीपीसी) का गठन करने की मांग की। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्यों की तर्ज पर जिला पंचायत सदस्यों को भी विकास कार्यों के लिए समान वित्तीय अधिकार और धनराशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। विकास कार्यों में ढाई लाख रुपये की सीमा के कारण लागू टेंडर प्रक्रिया की बाध्यता समाप्त करने की भी मांग की गई।
बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत जिलों को आवंटित धनराशि के वितरण और कराए गए कार्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी गई। साथ ही जिला पंचायतों की ओर से कराए गए सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की जांच कराने पर जोर दिया गया।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। यदि सरकार ने एक सप्ताह के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा।
12 अक्टूबर को सभी जिलों में प्रदर्शन
मांगों को लेकर 12 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 13 जनपदों के जिला मुख्यालय स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की जाएगी।


