*_लोकायुक्त इंस्पेक्टर कार में जिंदा जले, सीट बेल्ट बनी मौत की वजह!_*
धारवाड़ (कर्नाटक): धारवाड़ जिले के अन्निगेरी शहर के बाहरी इलाके में लोकायुक्त इंस्पेक्टर कार में आग लगने से जिंदा जल गए. पुलिस ने बताया कि शव इतनी बुरी तरह जल गया था कि पहचान करना मुश्किल था, लेकिन हाथ में पहनी अंगूठी और कार के नंबर के आधार पर उनकी शिनाख्त की गई. बताया जाता है कि डिवाइडर से टकराने के कारण कार में आग लगी थी. सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाई.
यह घटना अन्निगेरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई. मृत लोकायुक्त इंस्पेक्टर की पहचान पंचक्षरैया सालिमठ के रूप में की गयी. वह मूल रूप से बेलगावी जिले के मुरुगोडा के रहने वाले थे. सालिमठ अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं. इंस्पेक्टर सालिमठ, अपने परिवार से मिलने जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ. डेढ़ महीने पहले ही उनका तबादला बेलहोंगल, बेलगावी जिले से हावेरी लोकायुक्त कार्यालय में पीएसआई के रूप में हुआ था.
सालिमठ के मित्र एस.एफ. सिद्दनगौदारा ने कहा, कि कल गदग जाते समय एक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई. वह कार से बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि उन्होंने सीट बेल्ट पहनी हुई थी. उन्होंने बताया कि उनका शरीर पूरी तरह से जल गया था, इसलिए उनकी पहचान कार नंबर और अंगूठी से की गई.
एसपी ने घटना की जानकारी लीः
जिला पुलिस अधीक्षक गुंजन आर्य ने मौके का दौरा किया और अधिकारियों से जानकारी ली. एसपी गुंजन आर्य ने कहा कि पंचक्षरैया सालिमठ एक शादी कार्यक्रम खत्म करने के बाद शाम करीब 5 बजे हावेरी से गदग के लिए निकल रहे थे. इसी दौरान भद्रापुर और अन्निगेरी के पास उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेट्रोल टैंक लीक होने से कार में आग लग गई और मौके पर ही मौत हो गई. वह कार में अकेले थे.
एसपी ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है. पंचक्षरैया सालिमठ का शनिवार को हुबली के किम्स (KIMS) अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया. दोपहर मुरुगोड गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनके सहपाठी और रिश्तेदार गम में डूबे हुए हैं.
कुशल अधिकारी थेः
हुबली-धारवाड़ शहर के पुलिस कमिश्नर एन शशिकुमार ने कहा, पंचक्षरी सालिमठ 2003 बैच के अधिकारी थे. हावेरी में लोकायुक्त इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने पहले हुबली और कालाबुरागी सहित कई जगहों पर सेवा दी थी. उनके जाने से उनके परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को गहरा दुख हुआ है.
उन्होंने कहा “जब मैं कालाबुरागी में एसपी था, तो उन्होंने मेरे साथ सेडम स्टेशन में तीन साल तक काम किया था. एक टीम लीडर के तौर पर, वह सारा काम बड़ी सफाई से करते थे. वह एक कुशल अधिकारी थे. वह स्वास्थ्य पर बहुत जोर देते थे. उनके जनता और अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध थे. मुझे व्यक्तिगत तौर पर बहुत दुख हुआ है. भगवान उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें.”







