*लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत कांग्रेस ने निकाला विरोध मार्च*
*मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन*
रुद्रपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ऊधम सिंह नगर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गल्ला मंडी से निकाला गया विरोध मार्च मुख्य बाजार होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार का पुतला दहन कर नारेबाजी की गई।
विरोध मार्च में कांग्रेस के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ ही एनडीए के घटक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई करने तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे।
मार्च के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उपनेता प्रतिपक्ष एवं खटीमा विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। जनता के मत और उसके अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संविधान की रक्षा के मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी बात रख रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गावा ने कहा कि चुनाव व्यवस्था पर जनता का विश्वास लोकतंत्र की बुनियाद है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रही है।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और मताधिकार का सम्मान होना चाहिए। इसी उद्देश्य से विरोध मार्च आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार जनता के बीच उठाती रहेगी।
किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष ममता रानी, काशीपुर महानगर अध्यक्ष अलका पाल, ब्लॉक अध्यक्ष पवन बिष्ट, अशोक राय, नासिर, यूथ कांग्रेस सचिव परिमल राय, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, सुभाष बेहड़, डॉ. अजय सिंह, देवेंद्र शाही, योगेश चौहान, संदीप चीमा, गणेश उपाध्याय, एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष अनंत बिश्नोई, उमा सरकार, ज्योति टम्टा, गुड़िया अधिकारी, कुंदन टम्टा, सुमन गंगवार, नजमा बेगम, महेंद्र बेदी, सुभाष चंद्र, सुंदरलाल पाल, जीवन चंद भगत, भीम ठुकराल, विजय हरि, भूपेंद्र कुमार, सतीश कुमार, बाबू विश्वकर्मा, उत्तम आचार्य, मोहन खेड़ा, विष्णु तरफदार, सुकुमार चक्रवर्ती, सोमल सिंह, मोहन भारद्वाज, डॉ. शहीद राजा, सुमेंद्र यादव, पवन दुआ, सद्दाम पाशा, अरबाज पाशा, अमन, इरफान अली, लकी, संजीव नदी, भूपेश कुमार, परमजीत सिंह, देवेंद्र बिष्ट, पदम राणा, उमर अली, अशफाक अंसारी, इंद्रजीत सिंह, राजू गुप्ता, संजय ठुकराल, श्यामल मंडल, गुल मोहम्मद, हरपाल सिंह विर्क, अजीत सिंह विर्क, कुलबीर सिंह विर्क, चौधरी ओमपाल सिंह, हरभजन सिंह, सुखवंत सिंह विर्क समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी, अरविंद यादव, ओसियान यादव, राम सिंह सागर, मजहर रिजवी, इकराम मिकरनी, अरसद अयूब, उमैर, अनस सिद्दीकी, मुनीर अंसारी, सरताज अंसारी, आकिब, जाबेद, नारायण सिंह बिष्ट, मोनिका ढाली, जोरावर सिंह भुल्लर, अमन सिंह अरोड़ा, गुरविंदर विर्क, राजवीर सिंह विर्क, फरीद अहमद मंसूरी, आबिद हुसैन, कमल सैनी, रूप किशोर, नारायण व्यापारी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और चुनावी पारदर्शिता की मांग उठाई।


