*मेडिकल कॉलेज की मान्यता की उम्मीद बढ़ी, एक सप्ताह में मिल सकती है सुखद खबर*
*विधायक शिव अरोरा ने किया निरीक्षण, निर्माण व फर्नीचर कार्य अंतिम चरण में; 50 से अधिक फैकल्टी, सात नए डॉक्टर भी मिले*
*2026-27 सत्र से 100 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की उम्मीद*
रुद्रपुर। पंडित रामसुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की ओर से पूर्व में बताई गई कमियों को दूर किए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंतरिम अपील प्रस्तुत की है। विधायक शिव अरोरा के अनुसार, मंत्रालय की संस्तुति के बाद एनएमसी स्तर से मान्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और अगले एक सप्ताह में सुखद खबर मिलने की उम्मीद है।
शनिवार को विधायक शिव अरोरा ने मेडिकल कॉलेज का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कॉलेज के विभिन्न ब्लॉकों, लैब, स्टूडेंट स्टडी हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम सहित अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन निर्माण, फर्नीचर, शैक्षणिक संसाधनों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की प्रगति की जानकारी ली। विधायक ने बताया कि पिछले निरीक्षण की तुलना में कॉलेज की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है और निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
पिछली अपील में सामने आई थीं कमियां
मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर पूर्व में एनएमसी के समक्ष की गई अपील में फैकल्टी, भवन निर्माण, फर्नीचर, बायोमेट्रिक व्यवस्था सहित कुछ आवश्यक संसाधनों को लेकर कमियां सामने आई थीं। इसके बाद विधायक ने कॉलेज का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था पेयजल निगम के अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मान्यता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के साथ फर्नीचर इंस्टॉलेशन में भी तेजी लाने को कहा गया था।
अधिकांश व्यवस्थाएं हुईं दुरुस्त
शनिवार के निरीक्षण में लैब, स्टडी हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम और अन्य शैक्षणिक ब्लॉकों में व्यवस्थाएं पहले से बेहतर मिलीं। कई स्थानों पर फर्नीचर इंस्टॉल हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी अंतिम चरण में है। कॉलेज प्रशासन ने विधायक को शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए उपलब्ध संसाधनों और एनएमसी के मानकों के अनुरूप की गई तैयारियों की जानकारी दी।
मंत्रालय के समक्ष रखी कॉलेज की स्थिति
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश बसेड़ा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंतरिम अपील की गई है। इसमें पूर्व में सामने आई कमियों को दूर किए जाने और कॉलेज में पूरी की गई व्यवस्थाओं एवं आवश्यक मानकों की जानकारी दी गई है। मंत्रालय की ओर से अपनी संस्तुति एनएमसी को भेजी जाएगी। इसके बाद एनएमसी कॉलेज की व्यवस्थाओं और मानकों का परीक्षण कर मान्यता की प्रक्रिया पर निर्णय लेगा।
50 से अधिक फैकल्टी, सात नए डॉक्टर मिले
मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की स्थिति में भी सुधार हुआ है। कॉलेज में डॉक्टरों एवं शिक्षकों की संख्या 50 से अधिक हो गई है। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट शामिल हैं। हाल ही में सात नए डॉक्टरों की उपलब्धता से चिकित्सा एवं शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूती मिली है। इसके साथ ही लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल और अस्पताल से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं को भी मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से कर चुके हैं वार्ता
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर उन्होंने हाल ही में देहरादून में स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर आवश्यक मानकों को पूरा करने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में वार्ता की थी। इसके अलावा हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मेडिकल कॉलेज के संबंध में चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मान्यता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एक सप्ताह में सुखद खबर की उम्मीद
विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण चरण में है। पूर्व में सामने आई कमियों को दूर कर भवन, फर्नीचर, लैब, स्टडी हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम सहित अन्य व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले एक सप्ताह में मान्यता को लेकर सकारात्मक खबर मिल सकती है। एनएमसी से हरी झंडी मिलने के बाद इसी सत्र 2026-27 से 100 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश और कक्षाओं के संचालन का रास्ता साफ हो सकेगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अहम कदम
शिव अरोरा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने से रुद्रपुर समेत पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने के साथ ही मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की जनता लंबे समय से मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होने का इंतजार कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश बसेड़ा, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. सुमन कुमार पांडेय, डॉ. वीके द्विवेदी, डॉ. सृजन श्रीवास्तव, वरुण प्रसाद, डॉ. आदित्य चौहान, मयंक कक्कड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


