*एक महीने में दूसरी बार अमित शाह से मिला ईसाई समुदाय का प्रतिनिधिमंडल, FCRA संशोधन विधेयक पर जताई चिंताएं*

*एक महीने में दूसरी बार अमित शाह से मिला ईसाई समुदाय का प्रतिनिधिमंडल, FCRA संशोधन विधेयक पर जताई चिंताएं*

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा संसद के मानसून सत्र में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में संशोधन विधेयक लाने की तैयारी के बीच इस मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार शाम ईसाई समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रस्तावित संशोधनों को लेकर अपनी चिंताएं उनके समक्ष रखीं। यह एक महीने के भीतर अमित शाह और ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों की दूसरी बैठक है।

केंद्र सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य विदेशी फंडिंग और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की गतिविधियों में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा विदेशी धन के दुरुपयोग और उससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को रोकना है।

वहीं, ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि नए प्रावधानों का असर सामाजिक, शैक्षणिक और सेवा कार्यों से जुड़े संस्थानों के संचालन पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से समुदाय की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक सुझावों को शामिल करने का अनुरोध किया।

सरकार और ईसाई समुदाय के बीच हुई इस बैठक को प्रस्तावित FCRA संशोधन विधेयक को लेकर जारी संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

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