*मानसून की बारिश से उत्तराखंड बेहाल, 172 सड़कें बंद*
*देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, नदियों का जलस्तर बढ़ा*
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता सितंबर के पहले सप्ताह में भी बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार, 2 सितंबर को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 172 सड़कें बंद हैं। इनमें अल्मोड़ा की 23, बागेश्वर की 11, चमोली की 17, चंपावत की दो, देहरादून की 15, नैनीताल की 40, पौड़ी की 12, पिथौरागढ़ की 12, रुद्रप्रयाग की 11, टिहरी की 15 और उत्तरकाशी की 14 सड़कें शामिल हैं। मार्ग बंद होने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित है और लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के प्रयास में जुटे हैं।
सितारगंज में 180 मिमी बारिश
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सितारगंज में सबसे अधिक 180 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चोरगलिया में 154, मालदेवता में 133, अल्मोड़ा में 107, चंपावत में 105 और देवलथल में 90 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन रही है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा
बारिश के चलते प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उत्तरकाशी में भागीरथी, चमोली में नंदाकिनी और पिंडर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने से प्रशासन सतर्क है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
