*उलेमाओं की बयानबाजी पर महापौर विकास शर्मा का तीखा पलटवार*
*बोले—धामी सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं, माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई*
रुद्रपुर। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर सरकारी भूमि को लेकर की गई बयानबाजी पर महापौर विकास शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आठ एकड़ तो दूर, सरकारी भूमि का एक इंच हिस्सा भी किसी के दबाव में नहीं छोड़ा जाएगा। महापौर ने इस मामले में एसएसपी अजय गणपति से बयान देने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की।
महापौर ने कहा कि धार्मिक जुलूस के दौरान कुछ वक्ताओं द्वारा जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह आपत्तिजनक और निंदनीय है। संबंधित भूमि को अपना बताते हुए उसे खाली कराने की बात कही गई, जबकि नगर निगम ने किसी की निजी संपत्ति पर कब्जा नहीं किया है। नगर निगम की ओर से जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, वहां अवैध अतिक्रमण था।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से सरकारी और नगर निगम की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। जहां भी अवैध कब्जे सामने आए हैं, उन्हें हटाया गया है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान चल रहा है।
जुलूस के दौरान हुई बयानबाजी पर महापौर ने कहा कि यह धामी सरकार है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करना सरकार को आता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए।
महापौर ने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजन के मंच से भाजपा, प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ उत्तेजक भाषण देकर शहर का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य आस्था और परंपराओं का निर्वहन है। इसकी आड़ में शहर की शांति भंग करने अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
भूमि को लेकर किए जा रहे दावों पर महापौर ने कहा, “आठ एकड़ जमीन तो दूर, उसका एक इंच भी किसी के दबाव में खाली नहीं कराया जाएगा। यह सरकारी भूमि है और सरकारी जमीन पर किसी की दबंगई नहीं चलेगी।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून से ऊपर कोई नहीं है। धार्मिक आयोजनों की आड़ में उत्तेजना फैलाने, माहौल बिगाड़ने अथवा सरकारी भूमि पर दबाव बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। महापौर ने कहा कि शहर की शांति और कानून-व्यवस्था से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।











