*72 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, डंपर चालक समेत दो गिरफ्तार*
काशीपुर। धनौरी पट्टी क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे में खुलासा करते हुए डंपर चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त डंपर, लोहे का हुक, मृतका का मोबाइल फोन, बैग और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों, सीडीआर, मोबाइल लोकेशन और करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के बाद हत्यारों तक पहुंचने में सफलता मिली।
20 अगस्त की सुबह रामनगर रोड स्थित धनौरी पट्टी के पास सड़क किनारे 19 वर्षीय युवती का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। युवती के सिर पर चोट के निशान पाए गए थे। प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने मामले का स्वयं संज्ञान लेते हुए काशीपुर पुलिस को जल्द से जल्द ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने मृतका के घर से घटनास्थल तक आने-जाने वाले संभावित मार्गों को चिन्हित कर करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में चैती मेला रोड से चीमा चौराहा, रामनगर रोड, केलामोड़ होते हुए ओंकार स्टोन क्रेशर की ओर जाने वाले एक डंपर को संदिग्ध पाया गया।
जांच के दौरान मृतका और संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर तथा लोकेशन का भी विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार घटना से कुछ समय पहले मृतका की लोकेशन चैती मैदान के पास मिली थी। उसने सुबह करीब 4:35 बजे चैती रोड से चीमा चौराहा जाने के लिए रैपिडो बुक की थी, जिसे तीन मिनट बाद कैंसिल कर दिया गया था। बाद में उसका मोबाइल गुलजारपुर क्षेत्र में सड़क पर मिला। मोबाइल फ्लाइट मोड पर था।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने डंपर संख्या UK15CA-1437 को चिन्हित किया। वाहन स्वामी से पूछताछ में पता चला कि घटना के समय डंपर राजू पुत्र ललित निवासी कचनालगुसाई, थाना आईटीआई चला रहा था। उसके साथ सुमित पुत्र राजू निवासी धनौरी पट्टी लक्ष्मीपुर, थाना काशीपुर भी मौजूद था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उनकी संलिप्तता सामने आई।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में राजू ने बताया कि 20 अगस्त की सुबह वह सुमित के साथ खनिज सामग्री लेने क्रेशर की ओर जा रहा था। चैती मैदान के पास युवती ने डंपर रुकवाया और दोनों ने उसे वाहन में बैठा लिया। कुछ आगे जाने के बाद राजू ने सुमित को डंपर चलाने के लिए कहा और स्वयं युवती के पास बैठ गया। पुलिस के अनुसार, एकांत स्थान पर उसने युवती के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। युवती के विरोध करने और पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि राजू ने डंपर में रखे लोहे के हुक से युवती के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया और क्रेशर की ओर चले गए। घटना के बाद मृतका का मोबाइल डंपर में ही रह गया था। पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से आरोपियों ने मोबाइल को ओंकार स्टोन क्रेशर से पहले सड़क पर रख दिया था।
23 अगस्त को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डंपर कब्जे में लिया। उनकी निशानदेही पर डंपर के अंदर से लोहे का हुक और मृतका का बैग बरामद किया गया। बैग में आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आयुष्मान कार्ड मिले। इसके अलावा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू पुत्र ललित (39 वर्ष), निवासी कचनालगुसाई, थाना आईटीआई और सुमित पुत्र राजू (19 वर्ष), निवासी धनौरी पट्टी लक्ष्मीपुर, थाना काशीपुर के रूप में हुई है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि ऊधम सिंह नगर पुलिस अपराधियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की पकड़ से बच नहीं सकता। पुलिस ने तकनीकी, फॉरेंसिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले का शीघ्र खुलासा किया है। अपराधियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











