*देवीधुरा बग्वाल मेले का विधिवत शुभारंभ, 28 अगस्त को होगी ऐतिहासिक बग्वाल*
चंपावत। विश्व प्रसिद्ध देवीधुरा धाम में रविवार को 13 दिवसीय देवीधुरा बग्वाल मेले (आषाढ़ी मेला) का विधिवत शुभारंभ हुआ। उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन तथा जलागम प्रबंधन मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मां वाराही देवी मंदिर परिसर के मुख्य द्वार पर फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। मेला चार सितंबर तक श्रद्धा, आस्था, संस्कृति और सुरक्षा के समन्वय के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले का मुख्य आकर्षण ऐतिहासिक बग्वाल 28 अगस्त को होगी।
उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मां वाराही देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं शांति की कामना की। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्कूली बच्चों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।
ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक छलिया नृत्य और कलश यात्रा के साथ अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। मुख्य बाजार से मंदिर मंडल तक निकाली गई शोभायात्रा में महिलाओं और छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। संस्कृत महाविद्यालय देवीधुरा के विद्यार्थियों और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने वेद मंत्रों एवं स्वस्ति वाचन के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया।
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध मां वाराही धाम के वार्षिक मेले का शुभारंभ करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। देवीधुरा धाम उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक बग्वाल मेले की विशिष्ट पहचान है, जिसमें चारों खामों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।
मंत्री ने मां वाराही धाम से अपने बचपन के जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देवीधुरा उनके लिए विशेष आस्था और आत्मीयता का केंद्र रहा है। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में देवीधुरा पहुंचकर मां वाराही के दर्शन करने तथा मेले को शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की।
उद्घाटन के बाद मंदिर समिति की ओर से मंत्री को स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसने श्रद्धालुओं और अतिथियों का मन मोह लिया।
देवीधुरा बग्वाल मेले में सात थोक और चार खामों से हजारों श्रद्धालु एवं प्रतिभागी शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन एवं मेला समिति की ओर से यातायात, पेयजल, स्वच्छता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।











