बाटा चौक पर श्रमिक संगठनों का प्रदर्शन, भाजपा सरकारों का पुतला फूंका
रुद्रपुर, 13 अप्रैल। संयुक्त श्रमिक मोर्चा के बैनर तले सोमवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों ने नोएडा, मानेसर और गुरुग्राम में आंदोलनरत श्रमिकों के कथित दमन के विरोध में बाटा चौक पर हरियाणा व उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों की आलोचना की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चार लेबर कोड लागू होने और गैस-ईंधन संकट के बीच मजदूरों का आक्रोश बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के दौर में जहां सरकारों को मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी करनी चाहिए, वहीं श्रम कोड लागू कर मजदूरों के अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारें श्रमिकों की मांगों को मानने के बजाय उनके आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही हैं।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलनरत श्रमिकों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और कई मजदूर नेताओं को गिरफ्तार व नजरबंद किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 90 से अधिक ट्रेड यूनियन नेताओं की गिरफ्तारी की जा चुकी है। साथ ही नए लेबर कोड के तहत हड़ताल को अवैध घोषित करने और 12 घंटे की ड्यूटी को वैध बनाने के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आंदोलनरत श्रमिकों की न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को तुरंत स्वीकार किया जाए, श्रमिकों पर हो रहे दमन को रोका जाए और गिरफ्तार व नजरबंद श्रमिक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए।
प्रदर्शन में संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली, इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कैलाश भट्ट, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र रावत, दिनेश भट्ट, ऐक्टू की जिला सचिव अनिता अन्ना, सीएसटीयू के धीरज जोशी, ठेका कल्याण समिति पंतनगर के अध्यक्ष अभिलेख सिंह, इंट्रार्क मजदूर संगठन के सौरभ सहित सुखदेव सिंह, दिगम्बर, करण, रूबल, हरपाल, अनिल, राकेश, सौरभ, रामेश्वर, श्रीराम और मनोज समेत कई श्रमिक मौजूद रहे।







