*48 घंटे से लगातार भूस्खलन, लखमारा गांव में बढ़ा खतरा* *कृषि भूमि मलबे में दबी, रास्ता और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त; प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग*

Spread the love

*48 घंटे से लगातार भूस्खलन, लखमारा गांव में बढ़ा खतरा*

*कृषि भूमि मलबे में दबी, रास्ता और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त; प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग*

बागेश्वर/कपकोट। कपकोट तहसील के लखमारा गांव में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रहे भूस्खलन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर पहाड़ी से लगातार मलबा, बड़े बोल्डर और पेड़ गिरकर लखमारा गधेरे में समा रहे हैं।

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बड़े बोल्डर गधेरे में गिरकर पानी के बहाव को अवरुद्ध कर देते हैं तो वहां अस्थायी तालाब बन सकता है, जिससे भविष्य में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। लगातार भूस्खलन से कई किसानों की कृषि भूमि भी मलबे में दब गई है। प्रभावित किसानों में शंकर सिंह, मोहन सिंह, जैंत सिंह, अजब सिंह, उमा देवी, किशन सिंह और पान सिंह शामिल हैं।

भूस्खलन की चपेट में आने से गांव का संपर्क मार्ग और सिंचाई नहर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। रास्ता बंद होने के कारण लखमारा गांव का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है। गांव में करीब 70 परिवार निवास करते हैं, जिनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश होते ही पहाड़ी दरकने लगती है और कई स्थानों पर जमीन में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि गैरखेत-लखमारा सड़क निर्माण के कारण भी क्षेत्र में भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते भूस्खलन की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो गांव पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराने और सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की मांग की है।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *