*चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से खुल गई कांग्रेस की पोल: विकास शर्मा* *SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को महापौर ने बताया निराधार*

*चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से खुल गई कांग्रेस की पोल: विकास शर्मा*

*SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को महापौर ने बताया निराधार*

रुद्रपुर। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस व विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर महापौर विकास शर्मा ने पलटवार किया है। मंगलवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के हालिया संयुक्त बयान ने विपक्ष के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके आधार पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।

महापौर ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि SIR सहित प्रमुख निर्णय आयोग की सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश और विभिन्न चरणों की समय-सारणी से जुड़े फैसले भी आयोग की सहमति से लिए गए थे।

विकास शर्मा ने कहा कि विपक्ष जिस कथित अंदरूनी मतभेद को मुद्दा बनाकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा था, उस पर आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाते समय तथ्यों को सामने रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष की ओर से किए गए दावों पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत निर्णय या SIR से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े आंतरिक मामले से संबंधित था।

महापौर ने कहा कि एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट को आधार बनाकर विपक्ष ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया। महापौर ने कहा कि बिहार में SIR की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर न्यायालय ने आयोग की प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों और संवैधानिक पहलुओं पर अपना निर्णय दिया है।

विकास शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने और पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप लगाने के साथ ही छूटे हुए लोगों के घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्र किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक असहमति के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। विपक्ष को तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए अपनी बात रखनी चाहिए।

महापौर ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

प्रेस वार्ता में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश सिंह, मीडिया संयोजक विजय तोमर, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विपिन सिंह गेहलोत, मंडल अध्यक्ष मुकेश पाल, जिला कार्यालय मंत्री मोर सिंह, जितेंद्र संधू, पार्षद पावन राणा, पार्षद बीनू भाई सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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