फाजलपुर महारौला सीलिंग प्रकरण का प्रशासनिक टीम ने किया निरीक्षण, लोगों की समस्याएं सुनीं
फाजलपुर महारौला की समस्याओं को लेकर सक्रिय हुए राजकुमार ठुकराल, अधिकारियों ने किया दौरा
राजकुमार ठुकराल ने उठाई सीलिंग से प्रभावित लोगों की आवाज, प्रशासन ने सुनी समस्याएं
फाजलपुर महारौला में सीलिंग विवाद पर राजकुमार ठुकराल ने मांगा त्वरित समाधान
फाजलपुर महारौला को सीलिंग से राहत दिलाने के लिए राजकुमार ठुकराल ने बढ़ाए कदम
रुद्रपुर। वार्ड संख्या 25 स्थित संपूर्ण फाजलपुर महारौला क्षेत्र को सीलिंग के दायरे में शामिल किए जाने तथा भवनों एवं भूखंडों की रजिस्ट्री व दाखिल-खारिज होने के बावजूद प्रतिबंध जारी रहने के मामले में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्रवासियों की समस्याएं उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने दर्जनों क्षेत्रवासियों के साथ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात कर सीलिंग के कारण उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराया था। उन्होंने क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (नजूल) पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव चक्रवर्ती, के.के. पंत सहित अन्य अधिकारी फाजलपुर स्थित लोक विहार कॉलोनी पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान राजकुमार ठुकराल ने अधिकारियों को बताया कि संपूर्ण फाजलपुर महारौला के अंतर्गत तराई विहार, प्रीत विहार, प्रीत विहार फेज-5, लोक विहार, बराड़ नगर, अपना एन्क्लेव तथा अपना एन्क्लेव फेज-2 सहित कई कॉलोनियों के निवासी सीलिंग के कारण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपनी भूमि एवं भूखंडों का क्रय-विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। नए बिजली और पानी के कनेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं तथा संपत्तियों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे क्षेत्रवासी मानसिक तनाव की स्थिति में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व जिलाधिकारी के आदेश के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तथा न्यायालय द्वारा स्थगनादेश भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर अधिकारियों से वार्ता करने के साथ ही न्याय विभाग से विधिक राय ली जाएगी, ताकि नियमानुसार क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस अवसर पर सुखदेव सिंह चंदी, बलविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, चंदन सिंह रौतेला, महेश जोशी, प्रभाकर पाण्डेय, संदीप वर्मा, ललित सिंह बिष्ट, हरजीत सिंह, लखविंदर सिंह चहल, राजवीर सिंह, गुरमीत सिंह, तरसेम सिंह, डॉ. पी.पी. यादव, एस.एस. यादव, विजय दानी, मनवीर सिंह, विक्रमजीत सिंह, शाकिर अली खां, पीयूष शर्मा, गिरजा शंकर पाण्डेय, हरप्रीत सिंह, वैभव वार्ष्णेय, देवेन्द्र सिंह, यश पाठक, चनकीरत सिंह, हर्ष रावल, बलवीर सिंह, वीरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र प्रसाद सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।







