*किच्छा में 35 लाख की अफीम के साथ दो तस्कर गिरफ्तार*
*झारखंड से अफीम लाकर उत्तराखंड में महंगे दामों पर बेचने की थी तैयारी, एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई*
रुद्रपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एंटी नारकोटिक्स कुमाऊं यूनिट और किच्छा कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 किलो 50 ग्राम अवैध अफीम बरामद की है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी झारखंड से अफीम खरीदकर लाए थे और इसे उत्तराखंड में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स कुमाऊं यूनिट ने किच्छा कोतवाली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खलीक अहमद पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी आरिफपुर नवादा, थाना सिविल लाइन, बदायूं (उत्तर प्रदेश) और जितेंद्र पुत्र रमेश सिंह, निवासी शांत विहार, हंस पब्लिक स्कूल के पास, थाना सुभाष नगर, बरेली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
एसटीएफ आरोपियों से पूछताछ कर अफीम की आपूर्ति के स्रोत और तस्करी के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
संयुक्त टीम में ये रहे शामिल
कार्रवाई में एसटीएफ एंटी नारकोटिक्स कुमाऊं यूनिट की ओर से निरीक्षक पावन स्वरूप, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, हेड कांस्टेबल मोहित कुमार, हेड कांस्टेबल गोविंद बिष्ट और आरक्षी इसरार अहमद शामिल रहे। वहीं, किच्छा कोतवाली पुलिस की टीम में निरीक्षक रवि सैनी, उपनिरीक्षक पवन जोशी और आरक्षी दीपक कुमार शामिल थे।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी से संबंधित जानकारी पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर इस अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।


