*कांग्रेस की चाटुकारिता में मर्यादा भूले ठुकराल : शिव अरोरा*
*मुख्यमंत्री धामी और प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी को लेकर पूर्व विधायक पर साधा निशाना, विहिप और सनातन से जुड़े बयानों पर भी उठाए सवाल*
रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री के खिलाफ तू-तड़ाक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
शिव अरोरा ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति में चाटुकारिता के चलते ठुकराल शब्दों की मर्यादा भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है कि कौन विकास के मुद्दों पर बात कर रहा है और कौन व्यक्तिगत बयानबाजी के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहा है। उन्होंने ठुकराल की बयानबाजी को राजनीतिक हताशा करार दिया।
प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को बताया आपत्तिजनक
विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ठुकराल द्वारा की गई कथित टिप्पणी पर भी कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपना जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित किया है और भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत और बिना आधार के आरोप लगाना सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति या निर्णय से असहमति है तो तथ्यों के आधार पर आलोचना की जानी चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी से लोकतांत्रिक विमर्श का स्तर गिरता है। नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नहीं, बल्कि देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं और उनके पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद को लेकर भी घेरा
शिव अरोरा ने विश्व हिंदू परिषद को लेकर ठुकराल की टिप्पणी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में विहिप सहित विभिन्न संगठनों और रामभक्तों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक आंदोलन में योगदान देने वाले संगठन पर टिप्पणी करने से पहले ठुकराल को आत्ममंथन करना चाहिए। अरोरा ने आरोप लगाया कि वर्ग विशेष को खुश करने के लिए हिंदू समाज और सनातन से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
हल्द्वानी के नारों को लेकर भी सवाल
विधायक ने हल्द्वानी रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए जाने के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ठुकराल की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि किसी घटना पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार आवाज उठाना या चुप रहना दोहरे राजनीतिक चरित्र को दर्शाता है।
खरगे के कांवड़ यात्रा संबंधी बयान पर पलटवार
शिव अरोरा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा कांवड़ यात्रा और गंगा स्नान को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था और श्रद्धा से जुड़ी धार्मिक परंपरा है। धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करते समय राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, जिनसे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों। अरोरा ने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि क्या वे अन्य धार्मिक स्थलों और परंपराओं को लेकर भी इसी प्रकार की टिप्पणी करेंगे।
वंदे मातरम् विवाद पर कांग्रेस को घेरा
विधायक ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस से जुड़े विवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। कांग्रेस को दूसरों को मर्यादा का पाठ पढ़ाने से पहले अपने शीर्ष नेतृत्व के बयानों और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए।
धामी के नेतृत्व में रुद्रपुर में विकास का दावा
शिव अरोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सरकार के सहयोग से कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी मिली है। उन्होंने मोदी मैदान में अत्याधुनिक खेल स्टेडियम के लिए 23.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति और शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान को विकास कार्यों की प्रमुख उपलब्धियां बताया।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की जनता विकास और जनहित के कार्यों को देख रही है। केवल बयानबाजी के माध्यम से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
विधायक ने कहा कि राजनीतिक विरोध और सरकार के कामकाज की आलोचना लोकतंत्र में पूरी तरह स्वीकार्य है, लेकिन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पदों की गरिमा का ध्यान रखना सभी राजनीतिक दलों और नेताओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान, सनातन आस्था, राष्ट्रहित तथा सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर वे आगे भी मजबूती के साथ अपनी बात जनता के सामने रखते रहेंगे।











