फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार पंजाब के फर्जी लाइसेंस पर खरीदे थे हथियार, पिस्टल-राइफल व कारतूस बरामद

फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

पंजाब के फर्जी लाइसेंस पर खरीदे थे हथियार, पिस्टल-राइफल व कारतूस बरामद

अजय गणपति की सख्ती से अवैध हथियार नेटवर्क पर वार, दो आरोपी गिरफ्तार

एसएसपी अजय गणपति की रणनीति सफल, पंजाब के फर्जी लाइसेंस से हथियार खरीदने वाले दबोचे

अजय गणपति की अगुवाई में ऊधमसिंह नगर पुलिस की बड़ी सफलता, फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर खरीदे हथियार जब्त

 

रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए अवैध हथियार रखने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, दो राइफल, जिंदा कारतूस, कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एसओजी काशीपुर, एसओजी रुद्रपुर और कोतवाली कुण्डा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली थी कि जनपद के कुछ लोगों ने बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर हथियार हासिल किए हैं।

पुलिस ने संदिग्ध लाइसेंसों के सत्यापन के लिए पंजाब के तरनतारण जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क किया। वहां से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि संबंधित लाइसेंस कार्यालय से जारी ही नहीं किए गए थे और उनके नंबर भी सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं थे। साथ ही लाइसेंसों का नवीनीकरण और शस्त्र जमा कराने संबंधी कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि लाइसेंस बनवाने के लिए जिन पतों का उपयोग किया गया था, वहां आरोपी कभी निवासरत नहीं रहे।

इसके बाद कोतवाली कुण्डा में एफआईआर संख्या 150/2026 दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने पंजाब जाकर साक्ष्य जुटाए, जिसके आधार पर अजय सिंह निवासी ग्राम छिनकी, थाना किच्छा तथा अनूप सिंह निवासी ग्राम भरतपुर, थाना कुण्डा को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने स्वयं को पंजाब का निवासी दर्शाकर फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए और उन्हीं के आधार पर हथियार खरीदे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340, 61(2) तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार अनूप सिंह के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल, एक .315 बोर राइफल, फर्जी शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद हुआ। वहीं अजय सिंह से एक .32 बोर पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, एक .315 बोर राइफल, आठ जिंदा कारतूस तथा फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया।

एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में फर्जी शस्त्र लाइसेंस, अवैध हथियार और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अन्य संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों की भी जांच कर रही है।

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