वेतन कटौती का कारण पूछने पर अस्पताल में प्रवेश से रोका, संविदा कर्मी ने की शिकायत
रुद्रपुर। ईएसआईसी अस्पताल में कार्यरत एक संविदा कर्मचारी ने बिना किसी लिखित आदेश के ड्यूटी से रोकने, वेतन कटौती करने तथा सुरक्षा कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को शिकायत पत्र सौंपा है।
अस्पताल में एनओ (नर्सिंग ऑर्डरली) के पद पर कार्यरत संविदा कर्मचारी अंजिता सिंह ने आरोप लगाया कि मई 2026 के वेतन में उनकी स्वीकृत एवं अर्जित छुट्टियों का वेतन भी काट लिया गया। जब उन्होंने वेतन कटौती का कारण जानने और बकाया भुगतान की मांग की तो उन्हें कोई स्पष्ट अथवा लिखित जानकारी नहीं दी गई।
शिकायत के अनुसार, 12 जून को उन्होंने अपनी निर्धारित मॉर्निंग ड्यूटी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक पूरी की थी। अगले दिन 13 जून को जब वह ड्यूटी के लिए अस्पताल पहुंचीं तो मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अस्पताल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवेश रोकने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया और न ही कोई लिखित आदेश, नोटिस अथवा सेवा समाप्ति संबंधी पत्र उपलब्ध कराया गया।
अंजिता सिंह का कहना है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट द्वारा केवल पेंसिल से लिखी एक पर्ची पर उनके लिए “नो एंट्री” लिखकर सुरक्षा कर्मियों को दिया गया था। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अपने इंचार्ज से भी जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। साथ ही, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रवीण से मिलने का प्रयास भी सुरक्षा कर्मियों द्वारा विफल कर दिया गया।
संविदा कर्मचारी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार उनके प्रति असम्मानजनक रहा, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी और अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिना किसी जांच, नोटिस या लिखित आदेश के ड्यूटी से रोकना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
शिकायत में उन्होंने ड्यूटी से रोके जाने के कारणों की लिखित जानकारी, किसी प्रशासनिक आदेश की सत्यापित प्रति, वेतन कटौती का विवरण, बकाया भुगतान, मामले की निष्पक्ष जांच तथा जांच पूरी होने तक पूर्ववत ड्यूटी पर बहाल किए जाने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।







