फैक्ट्री लगाने के नाम पर साढ़े चार करोड़ की धोखाधड़ी, दो पर मुकदमा
रुद्रपुर। फैक्ट्री स्थापित करने के नाम पर एक कारोबारी से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली के रोहिणी निवासी एवं पैरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संजीव गोयल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह उत्तराखंड में अपनी कंपनी की नई यूनिट स्थापित करना चाहते थे। इसके लिए 12 दिसंबर 2022 को उनकी महुआखेड़ा गंज निवासी मोहम्मद रिजवान अंसारी से भूमि, प्लांट एवं मशीनरी सहित 13.31 करोड़ रुपये में खरीद का समझौता हुआ था। इकरारनामा नोटरी अधिवक्ता के समक्ष सत्यापित कराया गया था।
तहरीर के अनुसार संजीव गोयल ने भूमि के एवज में एक करोड़ 45 लाख रुपये चेक एवं आरटीजीएस के माध्यम से रिजवान अंसारी को दिए। इसके बाद फैक्ट्री संचालन के लिए किराये पर मशीनों का उपयोग किया गया तथा रिजवान से 70 लाख 77 हजार 531 रुपये का फाइबर भी खरीदा गया, जिसकी राशि को बैनामे की रकम में समायोजित किया जाना था। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न तिथियों में एक करोड़ 30 लाख रुपये और दिए तथा फैक्ट्री की मरम्मत एवं अन्य कार्यों पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए।
आरोप है कि बाद में क्षेत्र में भूमि के दाम बढ़ने पर रिजवान अंसारी ने सौदे की राशि बढ़ाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब उन्होंने तय शर्तों के अनुसार भुगतान कर बैनामा कराने की बात कही तो रिजवान और उसके रिश्तेदार मुन्ना अंसारी ने बताया कि जमीन बैंक में गिरवी है और उसका हस्तांतरण संभव नहीं है। आरोप है कि दोनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फैक्ट्री खाली करने का दबाव भी बनाया।
संजीव गोयल के अनुसार जून 2023 में फैक्ट्री खाली करने के बाद रिजवान अंसारी ने चार करोड़ 25 लाख 77 हजार 531 रुपये तीन माह के भीतर लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद धनराशि वापस नहीं की गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मोहम्मद रिजवान अंसारी और मुन्ना अंसारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।







