महापौर के एक्शन के बाद गैस वितरण की नई व्यवस्था लागू

महापौर के एक्शन के बाद गैस वितरण की नई व्यवस्था लागू

– एजेंसी पर अब नहीं होगी मारामारी, घर-घर पहुंचेगा सिलेण्डर

– गैस वितरण के लिए जारी हुआ नया रोस्टर

 

रुद्रपुर। शहर की इंडेन गैस वितरण प्रणाली में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर महापौर के एक्शन के बाद निर्णायक बदलाव की शुरुआत हुई है। शनिवार को महापौर के औचक निरीक्षण और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई गहन समीक्षा बैठक के बाद अब शहरवासियों को गैस के लिए घंटों लाइनों में लगने या एजेंसी के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब डोर-टू-डोर सप्लाई को अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी।

 

शनिवार सुबह निरीक्षण के दौरान वितरण कार्य में भारी खामियां और उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतें सही पाए जाने पर महापौर ने कड़ा रुख अपनाया था। ठेकेदार और संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाने के साथ ही तत्काल प्रभाव से 5 डिलीवरी बॉय को हटाने का भी निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, एजेंसी की बढ़ती ग्राहक संख्या को देखते हुए पूरे शहर को 15 जोन में विभाजित कर नया रूट प्लान तैयार किया गया है, ताकि हर क्षेत्र में रोजाना समयबद्ध तरीके से सिलेंडर पहुँचाया जा सके। रोस्टर में अलग अलग डिलीवरी मैन को अलग अलग रूटों की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

 

नई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए गैस एजेंसी के भीतर तकनीकी समस्याओं और ओटीपी संबंधी दिक्कतों के त्वरित समाधान हेतु दो विशेष कार्मिकों को नियुक्त किया गया है। अब किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक रूप से पर्ची कटवाने के लिए लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों के बीच स्पष्ट कार्य विभाजन किया गया है। गौतम कुमार आर्या और ज्योति जोशी को प्रतिदिन बुकिंग इन्वाइस और रजिस्टर मेंटेन करने का जिम्मा दिया गया है, जबकि संजय टम्टा, रवि खन्ना और चंद्रपाल मौर्या सॉफ्टवेयर और डीएसी डिलीवरी के विवरण की निगरानी करेंगे। व्यावसायिक सिलेंडरों के हिसाब-किताब के लिए योगेश भट्ट और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु सुनीता को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

प्रशासनिक अधिकारियों और महापौर की संयुक्त बैठक में यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि अब एजेंसी परिसर से किसी भी परिस्थिति में सिलेंडरों का सीधा वितरण नहीं किया जाएगा। शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति केवल होम डिलीवरी नेटवर्क के माध्यम से ही की जाएगी। अलग-अलग रूटों के लिए रोस्टर प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे शहर के प्रत्येक वार्ड में समान रूप से आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

 

महापौर विकास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए कड़े कदम उठाये गये हैं। उन्होनंे कहा कि ठेकेदार और एजेंसियों को किसी भी दशा में मनमानी नहीं करने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार अंत्योदय और सुशासन के मंत्र पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आम जनमानस को गैस जैसी जरूरी सुविधा के लिए भटकना न पड़े। रुद्रपुर में गैस वितरण में जो सुधार किए गए हैं, वे सरकार की जन-हित सर्वाेपरि की नीति का ही हिस्सा हैं। हम पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडेन गैस एजेंसी की नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बिचौलियों के हस्तक्षेप पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी।

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