*जेसीज पब्लिक स्कूल का 41वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया*
‘*मैं-एक समर्पण’ थीम पर विद्यार्थियों ने दी संस्कार, सेवा और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा*
संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दे गया जेसीज पब्लिक स्कूल का स्थापना दिवस
पूर्व छात्रों की मौजूदगी से यादगार बना जेसीज पब्लिक स्कूल का स्थापना दिवस
शिक्षा के साथ संस्कारों की मिसाल बना जेसीज पब्लिक स्कूल का 41वां स्थापना दिवस
41 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का जश्न, समर्पण की भावना से गूंजा जेसीज पब्लिक स्कूल
रुद्रपुर। जेसीज पब्लिक स्कूल का 41वां स्थापना दिवस गुरुवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस वर्ष समारोह की थीम ‘मैं-एक समर्पण’ रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने निःस्वार्थ सेवा, उत्तरदायित्व, मानवीय मूल्यों और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रभावशाली संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोक लेलैंड के एचआर हेड प्रवीण सिंह रावत रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में मैक्सिमा सॉल्यूशंस के जनरल फैक्ट्री मैनेजर संजय तरसोलिया एवं विद्यालय के प्रथम हेड बॉय (1994) आकाश आहूजा शामिल रहे। देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विद्यालय के अनेक पूर्व विद्यार्थियों ने भी समारोह में सहभागिता कर अपने विद्यालय से जुड़ी यादें साझा कीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ईश वंदना के साथ हुआ।
विद्यालय के निदेशक सुधांशु पंत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की 41 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जेसीज पब्लिक स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों को विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘मैं-एक समर्पण’ विषय पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। नाट्य, संगीत और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने परिवार, समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति समर्पण की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
मुख्य अतिथि प्रवीण सिंह रावत ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने, बड़े सपने देखने और समाज के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रथम हेड बॉय आकाश आहूजा ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थी और सफलता के बीच सबसे मजबूत सेतु होते हैं। वहीं पूर्व छात्रा एवं भारत सरकार की एआई सलाहकार युक्ति शर्मा ने विद्यार्थियों को पुस्तकों के साथ-साथ जीवन के हर अनुभव से सीखने के लिए प्रेरित किया। गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली के कार्डियो थोरेसिक सर्जन डॉ. भूपेंद्र बिष्ट ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया।
विद्यालय के महासचिव सुरजीत सिंह ग्रोवर ने विद्यार्थियों को अनुशासन, विनम्रता और सेवा भाव अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि विद्यालय आधुनिक शिक्षा, तकनीकी नवाचार और भारतीय संस्कारों के समन्वय से जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह के अंत में अतिथियों एवं पूर्व विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ हेड मिस्ट्रेस कनक मदान ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों के समन्वय से राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित विद्यार्थियों का निर्माण करता रहेगा।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सुरेंद्र गिरिधर, इंद्रजीत अरोड़ा, सुमित कुमार, अंकुर मित्तल, डीपीएस रुद्रपुर के प्रधानाचार्य चेतन चौहान, विद्यालय के अनेक पूर्व विद्यार्थी, अभिभावक एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







