*जन्माष्टमी पर देर रात तक मंदिरों में पहुंचे महापौर विकास शर्मा*
*जन्माष्टमी पर देर रात तक मंदिरों में पहुंचे महापौर विकास शर्मा* *पुलिस लाइन, पीएसी कैंपस समेत विभिन्न धार्मिक आयोजनों में की शिरकत* *बोले- संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी नई पीढ़ी ही देश का उज्ज्वल भविष्य*
*पुलिस लाइन, पीएसी कैंपस समेत विभिन्न धार्मिक आयोजनों में की शिरकत*
*बोले- संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी नई पीढ़ी ही देश का उज्ज्वल भविष्य*
रुद्रपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नगर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर देर रात तक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम रही। रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने भी देर रात तक विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
महापौर विकास शर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आयोजित सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महापौर ने सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इसके बाद महापौर पीएसी कैंपस पहुंचे, जहां सेनानायक देवेंद्र पिंचा के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर जन्माष्टमी कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को पर्व की बधाई दी और बच्चों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उत्साहवर्धन किया।
महापौर ने मेट्रोलिस स्थित इस्कॉन संस्था के जन्माष्टमी कार्यक्रम में भी भाग लिया। इसके अलावा सिटी क्लब, दुर्गा मंदिर, पांच मंदिर और अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रमों में पहुंचकर उन्होंने पूजा-अर्चना की। उन्होंने नगरवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। देर रात तक विभिन्न कार्यक्रमों में महापौर की मौजूदगी बनी रही।
इस अवसर पर महापौर ने बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी जब अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत से जुड़ती है तो समाज और देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। बच्चों की प्रस्तुतियों से स्पष्ट है कि भारतीय संस्कृति की जड़ें आज भी मजबूत हैं और युवा पीढ़ी अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का गीता संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। वर्तमान समय में समाज को आपसी भाईचारे, सद्भाव और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। प्राचीन मंदिरों के संरक्षण के साथ उनके सौंदर्यीकरण एवं विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ सके।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर को नई धार्मिक पहचान देने के उद्देश्य से भव्य त्रिशूल चौक का निर्माण कराया गया है। आने वाले समय में प्रस्तावित डमरू चौक और शिव कॉरिडोर जैसे कार्य शहर की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करेंगे। इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रुद्रपुर की पहचान औद्योगिक शहर के साथ धार्मिक नगरी के रूप में भी स्थापित होगी।
महापौर ने कहा कि नगरवासियों ने उन्हें जिस विश्वास के साथ सेवक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया जाएगा। नगर निगम शहर के विकास के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी प्राथमिकता देगा और धार्मिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।


