*डीपीएस में 1000 से अधिक विद्यार्थियों को एसएसपी ने साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया*
*यातायात नियमों, नशे के दुष्प्रभावों और मानव तस्करी के प्रति किया जागरूक, सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग की अपील*
रुद्रपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रुद्रपुर में बुधवार को साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों, नशे के दुष्प्रभावों और मानव तस्करी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसएसपी ऊधम सिंह नगर अजय गणपति ने स्वयं प्रतिभाग कर 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं को विभिन्न अपराधों से बचाव और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें सतर्क रहने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ ही आमजन की जागरूकता और सामाजिक सहभागिता भी जरूरी है। सही जानकारी और सतर्कता अपनाकर न केवल स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि दूसरों को भी जागरूक किया जा सकता है।
साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय
एसएसपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और फर्जी इनाम या नौकरी के प्रलोभन में आने से बचें। उन्होंने सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए एसएसपी ने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना और नाबालिगों का वाहन चलाना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों का जीवन सुरक्षित रखने के लिए करना चाहिए।
नशे से दूर रहकर लक्ष्य पर ध्यान दें विद्यार्थी
नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए एसएसपी ने कहा कि युवावस्था जीवन निर्माण का महत्वपूर्ण समय है। गलत संगति और साथियों के दबाव में नशीले पदार्थों का सेवन शुरू करना भविष्य को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, शिक्षा और खेलकूद पर ध्यान देने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे।
मानव तस्करी के प्रति भी किया जागरूक
कार्यक्रम में मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध से बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई। एसएसपी ने विद्यार्थियों को अनजान व्यक्तियों की ओर से नौकरी, पढ़ाई या बेहतर भविष्य के नाम पर दिए जाने वाले संदिग्ध प्रलोभनों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं के शोषण या मानव तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकारी को देनी चाहिए।
एसएसपी ने विद्यार्थियों से कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव होते हैं। विद्यार्थियों की सतर्कता और जिम्मेदारी परिवार तथा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपराधों के प्रति जागरूक रहने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर विभव सैनी, निरीक्षक बसंती आर्या, कोतवाली प्रभारी संजय पाठक, यातायात निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट, सीपीयू निरीक्षक ललित सिंह देवरी, साइबर सेल और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


